पीएमओ की मौजूदगी वाले एग्जक्यूटिव एनक्लेव के निमार्ण के लिए छह कंपनियों ने तकनीकी बोली सौंपी

पीएमओ की मौजूदगी वाले एग्जक्यूटिव एनक्लेव के निमार्ण के लिए छह कंपनियों ने तकनीकी बोली सौंपी

Edited By: , November 24, 2021 / 09:06 PM IST

नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड सहित बुनियादी ढांचा निर्माण से जुड़ी छह कंपनियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय वाले एक ‘एग्जिक्यूटिव एनक्लेव’ के निर्माण के लिए तकनीकी निविदाएं जमा की हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अन्य चार कंपनियां शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी लिमिटेड,एनसीसी लिमिटेड, पीएसपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और अहलूवालिया कॉंट्रैक्ट्स इंडिया लिमिटेड हैं।

अधिकारी ने कहा कि इन छह निर्माण (कंस्ट्रक्शन) कंपनियों द्वारा सौंपे गये दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि वित्तीय बोली में शामिल करने के लिए उनकी योग्यता की जांच की जा सके।

सीपीडब्ल्यूडी के निविदा दस्तावेज के मुताबिक परियोजना 24 महीने में 1,171 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरी की जाएगी। परियोजना को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है।

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आने वाले सीपीडब्ल्यूडी ने कहा कि ‘एग्जिक्यूटिव एनक्लेव’ का निर्माण लुटियन्स दिल्ली में साउथ ब्लॉक के दक्षिणी ओर भूखंड संख्या 36/38 पर किया जाएगा।

निविदा में कहा गया है कि नये पीएमओ में तीन तल होंगे, प्रत्येक 4.75 मीटर ऊंचे होंगे। इनके अलावा ‘बेसमेंट’ और भूतल भी होगा। नये कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का भी ऐसा ही ढांचा होगा।

‘इंडिया हाउस’ में ‘बेसमेंट’ और भूतल के अतिरिक्त एक तल होगा। इस भवन का इस्तेमाल हैदराबाद हाउस की तरह किये जाने की संभावना है, जहां खासतौर पर विभिन्न देशों के आगंतुक शीर्ष नेताओं के साथ उच्चस्तरीय वार्ताएं होती हैं।

भाषा

सुभाष वैभव

वैभव