आदिवासी पर्व करम के बाद विसर्जन समारोह के दौरान झारखंड के दो गांवों में छह लोग डूबे

आदिवासी पर्व करम के बाद विसर्जन समारोह के दौरान झारखंड के दो गांवों में छह लोग डूबे

आदिवासी पर्व करम के बाद विसर्जन समारोह के दौरान झारखंड के दो गांवों में छह लोग डूबे
Modified Date: September 23, 2026 / 12:37 pm IST
Published Date: September 23, 2026 12:37 pm IST

मेदिनीनगर (झारखंड), 23 सितंबर (भाषा) झारखंड के पलामू जिले में बुधवार को आदिवासी पर्व करम के अवसर पर वृक्ष की पूजी गई डाल के विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में चार नाबालिग समेत छह लोग नदी में डूब गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पांच लोगों की मौत बोकया गांव में हुईं, जबकि एक व्यक्ति की मौत नानी झरिया टोला में हुई।

झारखंड में सरहुल के बाद प्रमुख आदिवासी पर्वों में से एक करम मंगलवार को मनाया गया। इस पर्व का समापन पूजा के दौरान स्थापित की गई करम वृक्ष की डाल के विसर्जन के साथ होता है।

पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि बोकया गांव में विसर्जन समारोह के दौरान आठ वर्षीय एक लड़का कोयल नदी में गहरे पानी में चला गया। उन्होंने बताया कि उसे बचाने के लिए चार लोग नदी में कूदे, लेकिन वे सभी डूब गए।

उन्होंने बताया कि सभी के शव नदी से निकाल लिए गए हैं और पोस्टमार्टम के लिए ले जाए गए हैं।

मृतकों की पहचान अमित कुमार ठाकुर (22), नितीश कुमार सिंह (18), विशाल पासवान (16), राजा सिंह (12) और हेमंत कुमार सिंह (8) के रूप में हुई है।

नानी झरिया गांव में 16 वर्षीय सिम्पी कुमारी विसर्जन के दौरान फिसलकर तालाब में गिर गई और डूब गई।

पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उसका शव तालाब से बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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