नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने यमुना की सहायक नदी टौंस पर प्रस्तावित 422 मेगावाट की किशाऊ बांध परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई।
करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा पर प्रस्तावित है और पिछले आठ वर्षों से लंबित है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, परियोजना से यमुना में जल प्रवाह बढ़ेगा और नदी को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद परियोजना को मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।
किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत लागत छह राज्यों द्वारा साझा की जाएगी। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि हिमाचल प्रदेश के हिस्से की बिजली लागत के बदले उसके लिए निर्धारित जल को दिल्ली और राजस्थान को हस्तांतरित किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सुक्खू ने कहा कि परियोजना पूरी होने पर हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी।
भाषा राखी प्रशांत
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