एसएमसी दिशानिर्देश निजी गैर सहायताप्राप्त विद्यालयों पर लागू नहीं होंगे: शिक्षा मंत्रालय

एसएमसी दिशानिर्देश निजी गैर सहायताप्राप्त विद्यालयों पर लागू नहीं होंगे: शिक्षा मंत्रालय

एसएमसी दिशानिर्देश निजी गैर सहायताप्राप्त विद्यालयों पर लागू नहीं होंगे: शिक्षा मंत्रालय
Modified Date: May 21, 2026 / 03:19 pm IST
Published Date: May 21, 2026 3:19 pm IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) शिक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) दिशानिर्देश 2026 उन निजी गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू नहीं होते हैं जिन्हें सरकारी सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं होता है।

यह स्पष्टीकरण तब आया है जब दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन को लेकर समाज के कुछ वर्गों ने चिंता जतायी है।

हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि ऐसे विद्यालयों को अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागी शासन को बढ़ावा देने के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों का गठन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

शिक्षा मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘स्कूल प्रबंधन समिति दिशानिर्देश (एसएमसी) 2026 के संबंध में समाज के कुछ वर्गों ने चिंता जतायी है, उसी के संदर्भ में, मंत्रालय स्पष्ट करता है कि ये दिशानिर्देश आरटीई अधिनियम की धारा 2(एन)(चार) के अंतर्गत आने वाले निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू नहीं होते हैं, क्योंकि ऐसे संस्थान अपने खर्चों को पूरा करने के लिए उपयुक्त सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से कोई सहायता या अनुदान प्राप्त न करते हों।’’

मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा सरकार, स्कूलों, अभिभावकों और समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘स्कूलों के समग्र कामकाज को बेहतर बनाने और बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों, स्कूलों एवं अन्य हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत करना आवश्यक है।’’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छह मई को दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप मजबूत सामुदायिक भागीदारी, बेहतर स्कूल बुनियादी ढांचे और अद्यतन शिक्षण पद्धति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इन दिशानिर्देशों में कई महत्वपूर्ण सुधार पेश किए गए, जिनमें ‘बालवाटिका’ से लेकर 12वीं तक सभी कक्षाओं के लिए एक ही विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन शामिल है। इसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर प्रशासन को मजबूत करना और निर्णय लेने में निरंतरता लाना है।

भाषा राजकुमार वैभव

वैभव


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