(मानिक गुप्ता)
जयपुर, 17 जनवरी (भाषा) मशहूर ब्रिटिश लेखक और अभिनेता स्टीफन फ्राई का सोशल मीडिया को लेकर शुरुआती आशावाद अब गहरी चिंता में बदल गया है और आज के डिजिटल प्लेटफॉर्म की तुलना वह किसी जमाने की लंदन की प्रदूषित नदियों से करते हैं जो कभी जीवन देने वाली थीं, लेकिन बाद में अनियंत्रित व्यावसायिक हितों से दूषित हो गईं।
फ्राई सोशल मीडिया को हमेशा के लिए छोड़ चुके हैं। उन्होंने यहां शुक्रवार को जयपुर साहित्योत्सव (जेएलएफ) में अपने सत्र ‘ए बिट ऑफ़ फ्राई’ में माना कि शुरुआत में वह सोशल मीडिया की क्षमता से ‘‘हैरान’’ थे, जब उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के लोग इसके जरिए भ्रष्टाचार को चुनौती देने और नेताओं को जवाबदेह ठहराने में सक्षम थे।
उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में, मैं ही लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहा था कि ट्विटर लोगों के लिए क्या हो सकता है और वे कह रहे थे, ‘ठीक है, तुम बस लोगों को बता रहे हो कि तुमने लंच में क्या खाया था’। तब मैंने कहा था, ‘नहीं, नहीं, यह उससे कहीं ज़्यादा हो सकता है।’’
फ्राई ने कहा, ‘‘और यह वह दौर था जिसे तथाकथित ‘अरब स्प्रिंग’ कहा जाता है, जो ट्यूनीशिया में शुरू हुआ और फिर पूरे उत्तरी अफ्रीका तथा यमन तक फैल गया। यह सब बहुत बढ़िया लग रहा था। लेकिन वह तब की बात थी।’’
तब से, सोशल मीडिया पर फ्राई का नज़रिया काफी बदल गया है और उन्होंने इस बदलाव को बताने के लिए एक शानदार रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘‘मैं सोशल मीडिया को जलमार्ग के रूप में देखता हूं।’’
इसकी तुलना ब्रिटेन की नदियों से करते हुए उन्होंने कहा कि वे अब बहुत ज़्यादा प्रदूषित हैं।
फ्राई ने कहा, ‘‘पानी संचार, आनंद और संतुष्टि का एक साधन है। और सोशल मीडिया भी यही था, मैंने इसे बातचीत की नदियों के रूप में देखा, जो शुरुआती दिनों में शुद्ध थीं – आप उनमें तैर सकते थे, लोगों से मिल सकते थे, मज़े कर सकते थे।’’
फ्राई (68) ने कहा कि समस्या तब शुरू हुई जब सोशल मीडिया बड़े पैमाने पर पूंजीवाद में गहराई से जुड़ गया।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे औद्योगिक क्रांति के दौरान असली नदियां प्रदूषित हो गईं, वैसे ही बातचीत की ये धाराएं भी दूषित हो गई हैं। अब आप नहीं चाहेंगे कि आपके छोटे बच्चे उनमें तैरें। वे उन लोगों के दिमाग को प्रदूषित और दूषित करती हैं जो उनमें प्रवेश करते हैं।’’
फ्राई ने दर्शकों को यह भी चेतावनी दी कि भारी मुनाफे के लालच में, सोशल मीडिया की इस ‘‘नदी’ में ‘‘ज़हर’’ डाला जा रहा है। ‘वाइल्ड’, ‘हैरी पॉटर एंड द चैंबर ऑफ सीक्रेट्स’ और ‘वी फॉर वेंडेटा’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाने वाले फ्राई से एक दर्शक ने पूछा कि क्या वह किसी भारतीय फिल्म में काम करने पर विचार करेंगे।
उन्होंने अपने खास अंदाज़ में जवाब दिया कि वह इस विचार के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही कहा, ‘‘आप मुझे किसी बॉलीवुड फिल्म में गाते और नाचते हुए नहीं देखेंगे – आप सच में इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।’’
फ्राई एक बहुमुखी व्यक्तित्व हैं। वह कॉमेडियन, लेखक, ब्रॉडकास्टर और मानसिक स्वास्थ्य के बहुत बड़े पैरोकार हैं जो अपनी हाजिरजवाबी, समझदारी और साहित्य, इतिहास तथा कला की गहरी जानकारी के लिए जाने जाते हैं।
भाषा नरेश नरेश नेत्रपाल
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