बारिश के बीच गणतंत्र दिवस की रिहर्सल के दौरान सैनिक गीली वर्दी में मार्च करते नजर आए

बारिश के बीच गणतंत्र दिवस की रिहर्सल के दौरान सैनिक गीली वर्दी में मार्च करते नजर आए

बारिश के बीच गणतंत्र दिवस की रिहर्सल के दौरान सैनिक गीली वर्दी में मार्च करते नजर आए
Modified Date: January 23, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: January 23, 2026 4:54 pm IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) गीली वर्दी और गीले बूट पहने सैनिकों की टुकड़ियों ने शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड का ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’ किया। हालांकि लगातार गरज के साथ बौछारें पड़ने से कर्तव्य पथ पर कार्यक्रम में देरी हुई।

राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर घने काले बादल छाए रहने तथा बौछारों के साथ तेज हवाओं के बीच सैनिकों और सैन्य वाहनों का काफिला आगे बढ़ा, जबकि पैदल, घुड़सवार और टैंकरों के ऊपर सवार अधिकारी, तेज बारिश से बेपरवाह होकर ऊंचे झंडे लहराते हुए एक व्यवस्थित क्रम में आगे बढ़ते रहे।

दिल्ली में 2026 की पहली बारिश के साथ शुष्क शीत ऋतु का लंबा दौर आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गया। यह बारिश इस मौसम के पहले शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई। इस प्रणाली के चलते तेज हवाएं चलीं, गरज के साथ बारिश हुई और समूची दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से कुछ समय के लिए राहत मिली।

भीगी हुई वर्दी और फिसलन भरी जमीन के बावजूद सैनिक पूरे जोश और अनुशासन के साथ कदम ताल करते हुए आगे बढ़े।

परेड के दौरान ऑपरेशन सिंदूर, ब्रह्मोस और अन्य सैन्य मिसाइल प्रणालियों की झांकियां गुजरीं, जो काले बादलों और बारिश की चादर के बीच अलग ही नजर आ रही थीं।

पूरे मार्ग पर दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों के सुरक्षाकर्मी रेनकोट पहने हुए, लगातार बारिश के बावजूद इलाके की बारीकी से निगरानी करते और सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखते हुए देखे गए।

रिहर्सल के दौरान कर्तव्य पथ के प्रमुख स्थानों पर कर्मचारी तैनात रहे। रिहर्सल देखने आए लोग बारिश जारी रहने के बावजूद बैठे रहे।

कई लोगों ने बारिश से बचने के लिए छातों, टोपियों और प्लास्टिक की चादरों का इस्तेमाल किया, जबकि अन्य लोगों ने बारिश रुकने के दौरान अपनी बैठने की व्यवस्था और सामान को व्यवस्थित किया।

कुछ लोगों ने अस्थायी आवरणों के नीचे कुछ देर के लिए शरण ली जबकि अन्य लोगों ने बैठे रहना पसंद किया, क्योंकि वे परेड देखने से चूकना नहीं चाहते थे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि सुबह आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहे साथ ही हल्की बारिश की एक या दो बार बौछारें भी हुईं। गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने के अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। सुबह के शुरुआती घंटों में हल्का कोहरा भी देखा गया।

आईएमडी के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे से पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे के बीच पालम में 12.6 मिलीमीटर, जनकपुरी में 12.5 मिलीमीटर, लोदी रोड पर 11.8 मिलीमीटर, रिज में 11.4 मिलीमीटर और सफदरजंग में 8.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि मयूर विहार में चार मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

भाषा सुरभि माधव

माधव


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