सोरेन ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता पर जोर दिया, आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा

सोरेन ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता पर जोर दिया, आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा

सोरेन ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता पर जोर दिया, आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा
Modified Date: May 25, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: May 25, 2026 10:35 pm IST

रांची, 25 मई (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को अधिकारियों को खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि सोरेन ने एक बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभागों की प्रगति की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और अन्य संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। वित्त एवं राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक सुधारों को लेकर विभागों को कई सुझाव दिए गए, जिसमें तकनीक के उपयोग को भी शामिल किया गया है।’’

आधिकारिक बयान के अनुसार, अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि खनिज संसाधनों के व्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत ढांचे और प्रभावी निगरानी प्रणाली के कारण राज्य का खनन राजस्व ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में बेहतर स्थिति में है।

बयान में कहा गया कि प्रगति की सराहना करते हुए सोरेन ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कार्यालयों में जवाबदेही सुनिश्चित करने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने पर भी बल दिया।

वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कर संग्रह, जीएसटी अनुपालन, राजस्व वृद्धि के उपायों और विभाग के समग्र कामकाज की स्थिति का आकलन किया।

बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान कर आकलन, वसूली, निगरानी और प्रवर्तन पर विशेष जोर दिया गया।

जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सोन-कान्हार पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजनाएं, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 और 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बोयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय और गुमानी बैराज योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की।

सोरेन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘रांची में जल संसाधन विभाग की योजनाओं की बैठक में विभिन्न सिंचाई योजनाओं, लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं, पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और अन्य कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नई तकनीकों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करने का निर्देश दिया गया।’’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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