भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में निर्माणों का विशेष सर्वेक्षण शुरू
भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में निर्माणों का विशेष सर्वेक्षण शुरू
जैसलमेर, छह जून (भाषा) राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों की पहचान और उनके वित्तीय स्रोतों की जांच के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वेक्षण अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी निर्माणों को शामिल करेगा। यह अभियान पिछले महीने बीकानेर में आयोजित उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले शुरू हुआ यह सर्वेक्षण सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), खुफिया ब्यूरो (आईबी), जिला प्रशासन, सैन्य खुफिया इकाइयों और अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
यह अभियान अक्टूबर तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
जैसलमेर की जिलाधिकारी अनुपमा जोरवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से शून्य से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी निर्माणों और अतिक्रमणों का मानचित्रण तथा सत्यापन किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘सर्वेक्षण के दौरान यह जांच की जाएगी कि संबंधित निर्माण आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद किए गए हैं या नहीं तथा कहीं वे निर्धारित नियमों का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं। इसके लिए विस्तृत अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं।’’
जोरवाल ने बताया कि विशेष रूप से उन संपत्तियों पर ध्यान दिया जा रहा है जिनमें भारी निवेश हुआ है या जो सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे मामलों की अतिरिक्त जांच की जाएगी ताकि स्वामित्व, वित्तीय स्रोतों और निर्माण के उद्देश्य का पता लगाया जा सके।’’
जिलाधिकारी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में पाए जाने वाले संदिग्ध निर्माणों के वित्तीय स्रोतों की जांच में सुरक्षा एजेंसियां सहयोग करेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि किसी निर्माण में बड़े पैमाने पर व्यय पाया जाता है तो उसकी अलग से जांच की जाएगी। संबंधित एजेंसियां यह सत्यापित करेंगी कि निर्माण के लिए धन किसने उपलब्ध कराया और उससे जुड़ी कोई सुरक्षा चिंता तो नहीं है।’’
अधिकारियों के अनुसार खुफिया ब्यूरो, बीएसएफ और सैन्य खुफिया इकाइयों सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध मामलों का आकलन करेंगी।
उन्होंने बताया कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा तस्करी, घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे लंबे क्षेत्र के कारण जैसलमेर देश के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में से एक माना जाता है। इसका विशाल रेगिस्तानी भूभाग और सामरिक महत्व इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
भाषा
सं, पृथ्वी रवि कांत

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