श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद, सैकड़ों पर्यटक फंसे

श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद, सैकड़ों पर्यटक फंसे

श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद, सैकड़ों पर्यटक फंसे
Modified Date: January 28, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: January 28, 2026 3:39 pm IST

श्रीनगर, 28 जनवरी (भाषा) कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से हर मौसम में जोड़ने वाला श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार को लगातार दूसरे दिन यातायात के लिए बंद रहा जिससे सैकड़ों पर्यटक घाटी में फंसे रहे।

राजस्थान के एक पर्यटक कैलाश ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, “मैं पिछले दो दिनों से यहां फंसा हुआ हूं। हम यहां बर्फ का आनंद लेने आए थे, लेकिन यह बर्फ ही हमारी सजा बन गई है।” उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे किसी भी हालत में सड़क साफ करें और “हमें जाने दें क्योंकि हमारे परिजन हमारा इंतजार कर रहे हैं।”

पर्यटक ने कहा, “कल उड़ानें रद्द कर दी गईं और अब किराया बढ़ा दिया गया है। वे कम से कम 20-25 हजार रुपये मांग रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि सड़क साफ करें क्योंकि इससे हमें परेशानी हो रही है। अगर यही रवैया जारी रहा तो अगली बार कोई पर्यटक कश्मीर नहीं आएगा, अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम तो बिल्कुल नहीं आएंगे।”

एक अन्य पर्यटक मोहित शर्मा ने कहा कि लगातार दूसरे दिन राजमार्ग बंद रहने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। मौसम में सुधार होने के बावजूद अधिकारी यातायात की अनुमति नहीं दे रहे हैं। हम घर जाना चाहते हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश यहीं फंस गए हैं।

शर्मा ने कहा, ‘इससे हमें बहुत परेशानी हो रही है। हमें अपने बजट से अधिक खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम चाहते हैं कि वे यातायात को चालू रखें ताकि जो लोग फंसे हुए हैं वे वहां से निकल सकें।’

जहां फंसे हुए पर्यटक बेसब्री से राजमार्ग के दोबारा खुलने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने कहा कि बर्फ से ढकी घाटी में फंसना उनके लिए ‘भाग्य’ की बात थी।

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शिप्रा भारद्वाज ने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगी कि मैं फंसी हुई हूं। मुझे ऐसा महसूस नहीं होता कि मैं फंसी हुई हूं। यहां फंसना हर किसी के नसीब में नहीं होता, मेरे है।’

भारद्वाज ने कहा कि उन्हें इस बार घाटी का दौरा ‘चिल्ला-ए-कलां’ में करने की सलाह दी गई थी, जो सर्दियों की सबसे कठोर 40 दिनों की अवधि होती है, जिसके दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है।

मंगलवार को हुई भारी बर्फबारी के कारण राजमार्ग बंद करना पड़ा और श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ानें भी स्थगित करनी पड़ीं। मौसम में सुधार होने के बाद बुधवार को उड़ानें फिर से शुरू हो गईं, लेकिन राजमार्ग यातायात के लिए बंद रहा।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी बर्फबारी और फिसलन भरी स्थितियों के कारण बंद रहा। यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं और बर्फ हटाने का अभियान जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के कर्मचारी सड़क पर नमक और यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं ताकि सुरक्षित वाहन चलाने की स्थिति में सुधार हो सके, क्योंकि बर्फबारी के बाद पाले के कारण राजमार्ग के कुछ हिस्से फिसलन भरे हो गए थे।

भाषा तान्या प्रशांत

प्रशांत


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