श्रींगेरी डाक मतपत्र पुनर्गणना: कांग्रेस विधायक राजे गौड़ा के वोट में 255 की कमी
श्रींगेरी डाक मतपत्र पुनर्गणना: कांग्रेस विधायक राजे गौड़ा के वोट में 255 की कमी
चिक्कमगलुरु (कर्नाटक), तीन मई (भाषा) श्रींगेरी विधानसभा क्षेत्र के लिए डाक मतपत्रों के पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना के बाद कांग्रेस विधायक टी डी राजे गौड़ा के लिए डाले गए मतों में 255 की कमी आई है। यह जानकारी निर्वाचन अधिकारी ने दी।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस मामले पर एक रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है।
राजे गौड़ा के चुनाव को चुनौती देने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पराजित उम्मीदवार डी एन जीवराज की याचिका पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, शनिवार को पुनर्सत्यापन और मतगणना हुई जो आधी रात तक जारी रही।
राजे गौड़ा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में श्रींगेरी से 201 वोट से जीत हासिल की थी।
निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने छह अप्रैल को मतों की दोबारा जांच और गिनती का आदेश दिया था। उस आदेश के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अदालत के आदेश में हमें नतीजे घोषित करने का निर्देश नहीं दिया गया था; इसमें ईवीएम मतों का भी जिक्र नहीं था। आदेश केवल डाक मतपत्रों के लिए था।’’
शनिवार देर रात पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘2023 की मतगणना के दौरान जीवराज को 692 वोट मिले थे, जबकि राजे गौड़ा को 569 वोट मिले थे। अब, पुनर्सत्यापन और दोबारा मतगणना के बाद, जीवराज को 690 वैध वोट मिले हैं, जो पहले से दो वोट कम हैं, जबकि राजे गौड़ा को 314 वोट मिले हैं, यानी 255 वोटों का अंतर है।’’
अदालत के आदेशानुसार पुनर्सत्यापन और मतगणना के बाद, ‘स्ट्रांग रूम’ को सील कर दिया गया और निर्वाचन आयोग को एक रिपोर्ट भेजी गई।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, वोट स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हैं और प्रक्रिया का पालन उसी के अनुसार किया गया।
मतदान में हेराफेरी के आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा कि ये आरोप आपराधिक प्रकृति के हैं और उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
जीवराज ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘वर्तमान मतगणना के अनुसार, मुझे बहुमत प्राप्त है। अधिकारियों ने बताया है कि निर्वाचन आयोग औपचारिक घोषणा करेगा। मैं आयोग के आदेश का इंतजार करूंगा।’’
राजे गौड़ा ने ‘‘मतदान में हेराफेरी’’ की आशंका जताई और जीवराज तथा अन्य लोगों के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में मुकदमा दायर करेंगे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरे पक्ष में डाले गए मतपत्रों पर निशान हैं। अलग स्याही का इस्तेमाल किया गया है; यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। 2023 की मतगणना के दौरान, सभी दलों के मतगणना अधिकारियों की उपस्थिति में उन सभी मतपत्रों को वैध माना गया था। अब, ऐसे वोट को अमान्य घोषित कर दिया गया है, जिससे मेरा वोट कम हो गया है।”
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजे गौड़ा के मतगणना एजेंट के रूप में काम कर चुके सुधीर कुमार मुरोली ने चिक्कमगलुरु टाउन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजे गौड़ा के पक्ष में डाले गए 255 मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई है।
उन्होंने मांग की है कि पूर्ववर्ती चुनाव अधिकारी वेदमूर्ति, जीवराज और पूर्व उपायुक्त के एन रमेश के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और जांच कराई जाए।
राजे गौड़ा और उनके समर्थकों ने शनिवार को जश्न मनाया और दावा किया कि परिणाम उनके पक्ष में आए हैं।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने रविवार को श्रृंगेरी में एक ‘‘बड़ी साजिश’’ का आरोप लगाया। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को कानूनी रूप से उठाएगी और सरकार से हर संभव कार्रवाई की मांग करेगी।
उन्होंने कहा, “कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि वे (भाजपा) इस तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल होंगे। यह इस बात का सबूत है कि पूर्व विधायक जीवराज ने अपने करीबी अधिकारियों का दुरुपयोग किया। मुझे एक रिपोर्ट मिली है और मैं उसका अध्ययन कर रहा हूं। यह सुनियोजित आपराधिक गतिविधि है। मैं रिपोर्ट का अध्ययन करूंगा और आगे की कार्रवाई करूंगा। मैं रात भर घटनाक्रम पर नजर रख रहा था।”
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अधिकारियों पर परिणाम घोषित न करने का दबाव डाल रही थी।
तुमकुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “चुनाव हारने के बाद जीवराज अदालत गए। अब, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, मतों की दोबारा गिनती हुई है और जीवराज जीत गए हैं। ऐसा लगता है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस परिणामों की घोषणा में देरी करने की साजिश रच रही है ताकि राजे गौड़ा उच्च न्यायालय जा सकें।”
विजयेंद्र ने कहा कि जीवराज को विधायक पद से वंचित रखकर लगभग तीन वर्षों से उनसे “अन्याय” किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह अन्याय जारी नहीं रहना चाहिए और कांग्रेस को जनता के जनादेश को स्वीकार करना चाहिए।”
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया। उन्होंने जीवराज को बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘कांग्रेस, जो पिछले तीन वर्षों से श्रींगेरी विधानसभा सीट पर अवैध रूप से सत्ता का आनंद ले रही थी, अब अपमान का सामना कर रही है। यह केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं है; यह लोकतंत्र की जीत है। यह श्रींगेरी के मतदाताओं द्वारा डाले गए वोट के मूल्य के लिए एक कठिन परिश्रम से प्राप्त विजय है।’’
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि अदालत ने आदेश दिया है कि यदि डाक मतों की पुनर्गणना में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो निर्वाचन अधिकारी को परिणाम घोषित करना चाहिए।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “डाक मतों की पुनर्गणना पूरी हो चुकी है और यह स्पष्ट है कि भाजपा उम्मीदवार जीवराज विजयी हुए हैं। मैं मांग करता हूं कि जिला निर्वाचन अधिकारी तुरंत पुनर्गणना के परिणाम घोषित करें, उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करें और किसी भी दबाव का विरोध करें। यदि चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाते हैं, तो निर्वाचन अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे।”
भाषा अमित धीरज
धीरज

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