मतदान के 48 घंटे पहले होटल में लोगों का ठहरना बंद, शराब ठिकानों और बाहरी लोगों पर प्रतिबंध
मतदान के 48 घंटे पहले होटल में लोगों का ठहरना बंद, शराब ठिकानों और बाहरी लोगों पर प्रतिबंध
इंदौर। मध्यप्रदेश में अंतिम चरणों में आठ सीटों पर होने वाले चुनाव में शुक्रवार शाम चुनावी शोर थम जाएगा। चुनाव में निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से मतदान कराने के लिए कलेक्टर ने 48 घंटों के लिए पूर्ण रूप से शराब दुकानें और बाहरी व्यक्ति के ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव की मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसको लेकर चुनाव आयोग ने इंदौर जिले को लेकर निर्देश जारी किया है।
ये भी पढ़ें: कमल हासन ने कहा- ‘राजनीति की गुणवत्ता नीचे जा रही है’
प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिले में इंदौर शुमार है, ऐसे में यहां पर चाक-चौबंद व्यवस्था रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल 19 मई को इंदौर में मतदान होने है, और चुनाव प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न न हो इसको लेकर कलेक्टर ने 17 मई से 19 की शाम मतदान होने तक जिले के सभी होटल, धर्मशालाओं और लॉज में किसी भी बाहरी व्यक्ति के ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
ये भी पढ़ें: प्रियंका गांधी का मिर्जापुर और कुशीनगर में रोड शो, कांग्रेस प्रत्याशी के लिए मांगेंगी वोट
अगर इस बीच कोई भी बाहरी व्यक्ति पाया गया तो होटल संचालक पर कानूनी कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किया जाएगा। वहीं 23 मई को होने वाली मतगणना के दिन ड्राई-डे रहेगा और शाम 6 बजे तक सभी शराब बिक्री बंद रहेगी। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, क्लब में शराब परोसने पर पाबंदी रहेगी। कलेक्टर लोकेश जाटव के आदेश पर गुरुवार शाम से ही होटल, लॉज और धर्मशाला की सर्चिंग की जा रही है। अबतक 250 लोग बाहरी मिले, जिनसे रूम खाली कराने के आदेश दिए गए है। वहीं शहर में सभी जगह सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली गई है।
ये भी पढ़ें: रिजल्ट के लिए कहीं लंबा इंतजार तो नहीं, दो अलग-अलग टीम करेंगी गिनती
चुनावों से पहले ठेके बंद करने के आदेश दिए गए है, और अगर कोई ठेका खुला मिला तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना होगा। इसके अलावा अगर कोई शराब बेचता पकड़ा गया तो उस पर विभाग के नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। हालांकि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में बाहर से काम करने आए कार्यकर्ता, नेता भी शहर के मोहल्लों में किराए के कमरे और मकान लेकर रुक जाते हैं। गौरतलब है कि इंदौर जिले को पहले ही मध्यप्रदेश में संवेदनशील घोषित किया गया है।

Facebook


