नवाचार को अपनाने के साथ-साथ मानवीय पहलू को बनाए रखें छात्र: राष्ट्रपति मुर्मू

नवाचार को अपनाने के साथ-साथ मानवीय पहलू को बनाए रखें छात्र: राष्ट्रपति मुर्मू

नवाचार को अपनाने के साथ-साथ मानवीय पहलू को बनाए रखें छात्र: राष्ट्रपति मुर्मू
Modified Date: April 14, 2026 / 01:14 am IST
Published Date: April 14, 2026 1:14 am IST

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को एम्स, राजकोट के स्नातक छात्रों को नवाचार को अपनाने के साथ-साथ मानवीय पहलू को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि चिकित्सा में मानवीय करुणा को कभी प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने एम्स-राजकोट के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्रों से आह्वान किया कि वे अपनी मेडिकल प्रैक्टिस में सहानुभूति, धैर्य और विनम्रता को बनाए रखें।

मुर्मू ने कहा, “जो सफेद कोट आप पहनते हैं, वह उस विश्वास का प्रतीक है जो लोग बीमारी और अनिश्चितता के समय में चिकित्सकों पर करते हैं।”

मुर्मू ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए इस अवसर को केवल छात्रों के लिए नहीं, बल्कि संस्थान की स्थापना से जुड़े सभी लोगों के लिए गर्व का पल बताया।

उन्होंने कहा, ‘आप इस संस्थान से स्नातक होने वाले पहले बैच में शामिल हैं। इस लिहाज से आप एम्स, राजकोट के पहले ब्रांड एंबेसडर हैं। आपका कार्य और आचरण इस संस्थान की प्रतिष्ठा को आकार देगा।’

उन्होंने छात्रों को नवाचार को अपनाने के साथ-साथ मानवीय पहलू को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि चिकित्सा में मानवीय करुणा को कभी प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

भाषा

जोहेब सुरेश

सुरेश


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