तमिलनाडु में सरकार गठन पर गतिरोध के बीच विजय के घर के बाहर जुटे समर्थक
तमिलनाडु में सरकार गठन पर गतिरोध के बीच विजय के घर के बाहर जुटे समर्थक
चेन्नई, आठ मई (भाषा) तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच शुक्रवार को विजय के नीलांगरई स्थित आवास के बाहर बड़ी संख्या में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के कार्यकर्ता और समर्थक जुट गए।
पार्टी समर्थकों ने अभिनेता से नेता बने विजय को “स्थायी मुख्यमंत्री” बताते हुए नारे लगाए। कई समर्थक टीवीके की “यूनिफॉर्म” मानी जा रही मटमैली रंग की पतलून और सफेद कमीज में नजर आए, जिसे विजय राजनीति में आने के बाद से पहनते रहे हैं।
यह जमावड़ा संभावित गठबंधनों और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर पार्टी के रुख को लेकर जारी अटकलों के बीच हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुरक्षा घेरे वाले परिसर के बाहर मोटरसाइकिल पर सवार एक समर्थक के अचानक रुकने और विजय के समर्थन में नारे लगाने के बाद अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की। समर्थकों ने “थलपति वाझगा” (थलपति जिंदाबाद) और “एंद्रेंद्रुम मुदलवर” (स्थायी मुख्यमंत्री) जैसे नारे लगाए और राजनीतिक गतिरोध के बावजूद विजय के सत्ता में आने का भरोसा जताया।
इस दौरान एक समर्थक ने पीटीआई-वीडियो से कहा, “लोग जल्द ही मौजूदा प्रशासन को उखाड़ फेंकेंगे और ‘थलपति’ की सरकार बनाएंगे।”
वहीं, आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से 12 पादरियों का एक प्रतिनिधिमंडल पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचा और विजय के लिए प्रार्थना की। समूह का नेतृत्व कर रहे पादरी स्टेनली थॉमस ने कहा, “हम पश्चिम गोदावरी से विजय सर से मिलने और उन्हें आशीर्वाद देने के लिए आए हैं।”
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह यात्रा तमिलनाडु से बाहर भी विजय की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
भीड़ बढ़ने के साथ स्थानीय पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मियों को व्यवस्था बनाए रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने नेता से मिलने के लिए अवरोधक तोड़ने की कोशिश की, जबकि अन्य ने संयम बरतने की अपील की।
इस बीच, लोक भवन के बाहर जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ता सुरेश समेत टीवीके के कई समर्थकों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी राज्यपाल आवास के बाहर जुटे हैं और मांग कर रहे हैं कि विजय को तुरंत मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया जाए।
यह विरोध विजय और राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर के बीच हुई बैठक के बाद तेज हुआ। बताया गया कि राज्यपाल ने 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए समर्थन का ठोस प्रमाण मांगा और बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
टीवीके कार्यकर्ताओं ने लोक भवन पर अनावश्यक देरी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
पुलिस द्वारा उसे हिरासत में लिए जाने से पहले एक कार्यकर्ता ने कहा, “विजय सर ने बिना किसी स्थापित राजनीतिक समर्थन के जीत हासिल की है। उनके साथ अन्याय मत कीजिए।”
समर्थकों ने चेतावनी दी कि यदि जनादेश की अनदेखी हुई तो “भारी जन आक्रोश” देखने को मिलेगा।
हिरासत में लिए जाने से पहले सुरेश ने कहा, “जब विजय सर मुख्यमंत्री बनेंगे, तब सभी बदलाव देखेंगे। हम उनके शपथ ग्रहण की मांग करने आए हैं।”
भाषा राखी नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


