उच्चतम न्यायालय ने जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर लगाई रोक

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उच्चतम न्यायालय ने जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर लगाई रोक

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 01:49 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 01:49 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान में जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की निर्माण या विकास गतिविधियों पर सोमवार को रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने जोजरी नदी में प्रदूषण से संबंधित एक स्वतः संज्ञान वाले मामले में यह आदेश पारित किया। इससे पहले शीर्ष अदालत ने राज्य में बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाया था।

पीठ ने पर्यावरण को हुए गंभीर नुकसान और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक विनाश का उल्लेख किया।

पीठ ने कहा, ‘‘…हमारा सुविचारित मत है कि अधिकतम बाढ़ सीमा और आवश्यक पारिस्थितिक संरक्षण क्षेत्रों के वैज्ञानिक निर्धारण एवं सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने तक नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की पर्याप्त सुरक्षा के लिए अंतरिम तौर पर एक निश्चित और संरक्षण क्षेत्र तय किया जाना आवश्यक है।’’

पीठ ने निर्देश दिया, ‘‘इसलिए, हम निर्देश देते हैं कि उपर्युक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की निर्माण या विकास गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

पीठ ने कहा कि अधिकतम बाढ़ सीमा का वैज्ञानिक रूप से निर्धारण और सीमांकन किया जाना अभी बाकी है।

पीठ ने कहा, ‘‘… हम एक अतिरिक्त अंतरिम सुरक्षा उपाय के रूप में यह निर्देशित करना आवश्यक समझते हैं कि अधिकतम बाढ़ सीमा और आवश्यक पारिस्थितिक बफर जोन के निर्धारण तथा सीमांकन के लिए वैज्ञानिक अभ्यास पूरा होने तक मौजूदा बाढ़ सीमा (जहां भी ऐसी बाढ़ सीमा तय की गई है) या नदी के वर्तमान प्रवाह मार्ग के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में नदी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदूषित करने व अन्य नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी खतरनाक उद्योग या गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की। विस्तृत आदेश का इंतजार है।

इससे पहले सात अगस्त को शीर्ष अदालत ने राजस्थान सरकार को राज्य की जोजरी, बांडी और लूणी नदियों में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक सप्ताह के भीतर एक ‘‘एकीकृत समन्वय समूह’’ गठित करने का निर्देश दिया था।

जोजरी नदी जोधपुर से होकर गुजरती है, बांडी नदी पाली से बहती है और लूणी नदी बालोतरा से होकर गुजरती है। बांडी और जोजरी नदियां बालोतरा शहर के पास लूणी नदी में मिल जाती हैं।

भाषा खारी वैभव

वैभव