Supreme Court on TET Exam for Teachers: TET परीक्षा के फेर में फंसे शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पुनर्विचार याचिकाओं पर लिया ऐसा फैसला कि खुशी से झूमने लगेंगे टीचर

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Supreme Court on TET Exam for Teachers: TET परीक्षा के फेर में फंसे शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पुनर्विचार याचिकाओं पर लिया ऐसा फैसला कि खुशी से झूमने लगेंगे टीचर

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 10:45 AM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 10:46 AM IST

Supreme Court on TET Exam for Teachers: TET परीक्षा के फेर में फंसे शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, पुनर्विचार याचिकाओं पर लिया ऐसा फैसला कि खुशी से झूमने लगेंगे टीचर / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने TET को शिक्षक नियुक्ति के लिए अनिवार्य योग्यता माना
  • TET की योग्यता पूरी करने की समय सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई
  • TET पास किए बिना सेवानिवृत्ति तक सेवा में रह सकते हैं, लेकिन पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे

नई दिल्ली: Supreme Court on TET Exam for Teachers शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है और शिक्षकों की भर्ती, सेवा शर्तें और तैनाती संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आती है।

सुप्रीम कोर्ट ने टेट परीक्षा को लेकर लिया बड़ा फैसला

Supreme Court on TET Exam for Teachers सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 01.09.2025 के अपने निर्णय में अन्य बातों के साथ-साथ यह भी कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 के तहत निर्धारित न्यूनतम योग्यताओं में से एक है और अधिनियम के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने आगे निर्देश दिया कि पात्र शिक्षकों को फैसले में निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर निर्धारित टीईटी योग्यता प्राप्त करनी होगी।

शिक्षकों के लिए आई राहत भरी खबर

इसके बाद, इस मामले में पुनर्विचार याचिकाओं का निपटारा करते हुए, 29.05.2026 के निर्णय़ के माध्यम से, सर्वोच्च न्यायालय ने टीईटी योग्यता प्राप्त करने की समय सीमा 31.08.2027 से बढ़ाकर 31.08.2028 कर दी। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संबंधित सरकारों/प्राधिकारियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को नियमित रूप से, अधिमानतः वर्ष में दो बार, लगभग छह महीने के अंतराल पर आयोजित करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि पात्र शिक्षकों को निर्धारित न्यूनतम योग्यता को पूरा करने का उचित अवसर मिल सके।

शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने दिया जवाब

सर्वोच्च न्यायालय ने बाल शिक्षा के निशुल्क एवं अनिवार्य अधिकार अधिनियम, 2009 के लागू होने से पहले भर्ती किए गए सेवारत शिक्षकों के सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग किया और निर्देश दिया कि 01.09.2025 को दिए गए निर्णय की तिथि तक जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष से कम शेष है, वे शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण किए बिना सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने तक सेवा में बने रह सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित टीईटी योग्यता प्राप्त किए बिना ऐसे शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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क्या TET शिक्षक भर्ती के लिए अनिवार्य है?

हां, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार RTE Act, 2009 के दायरे में आने वाले विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए TET न्यूनतम आवश्यक योग्यताओं में शामिल है।

TET पास करने की नई अंतिम तारीख क्या है?

सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है।

क्या TET परीक्षा साल में दो बार होगी?

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सरकारों और प्राधिकरणों को TET अधिमानतः साल में दो बार, लगभग छह महीने के अंतराल पर आयोजित करने का प्रयास करने को कहा है।

किन शिक्षकों को TET के बिना सेवा जारी रखने की छूट मिली है?

1 सितंबर 2025 के फैसले की तारीख तक जिन सेवारत शिक्षकों की सेवा में 5 साल से कम अवधि बाकी थी, वे TET पास किए बिना सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा में रह सकते हैं।

क्या TET पास किए बिना ऐसे शिक्षकों को प्रमोशन मिलेगा?

नहीं। निर्धारित TET योग्यता प्राप्त किए बिना ऐसे शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।