Supreme Court Road Safety Order: पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ियों में अब लगेंगे ये डिवाइस, सुप्रीम कोर्ट ने इस वजह से सरकारों को दिए ये निर्देश, कहा- लेन ड्राइविंग का सिस्टम नहीं इसलिए..
Supreme Court Road Safety Order: सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ी नाराजगी जताई है।

Supreme Court Road Safety Order/Image Credit: IBC24.in
- सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ी नाराजगी जताई है।
- कोर्ट ने कहा - सार्वजनिक सेवा वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- हर पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगवाना जरुरी।
Supreme Court Road Safety Order: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा नियमों और सड़क दुर्घटनाओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक निर्देश में कहा है कि, सार्वजनिक सेवा वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि देशभर में बड़ी संख्या में वाहन बिना जरूरी सुरक्षा उपकरणों के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
वीएलटीडी और पैनिक बटन अनिवार्य
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि, अब किसी भी सार्वजनिक सेवा वाहन को फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट तभी मिलेगा, जब उसमें व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन लगे होने का सत्यापन वाहन पोर्टल पर हो चुका हो। (Supreme Court Road Safety Order) सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि, 31 दिसंबर 2018 तक पंजीकृत पुराने वाहनों में भी इन उपकरणों की रेट्रोफिटिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए।
99 प्रतिशत वाहन नियमों का पालन नहीं कर रहे
Supreme Court Road Safety Order: जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि, केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 125एच के तहत वर्षों पहले सभी सार्वजनिक सेवा वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया था। इसके बावजूद 99 प्रतिशत से अधिक वाहन बिना इन सुरक्षा सुविधाओं के चल रहे हैं। इस मामले में सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता और अधिवक्ता केसी जैन तथा कोर्ट द्वारा नियुक्त अमाइकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने अदालत के सामने विस्तृत पक्ष रखा।
राज्यों और केंद्र को दिए सख्त निर्देश
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 19 दिसंबर 2025 को राज्यों को निर्देश जारी किए थे कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। (Supreme Court Road Safety Order) साथ ही 1 जनवरी 2026 से वाहन पोर्टल पर वीएलटीडी की अनिवार्य जांच भी लागू कर दी गई थी। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को समयबद्ध तरीके से नए और पुराने दोनों तरह के वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाने के निर्देश दिए।
स्पीड गवर्नर नहीं लगाने पर भी सख्ती
Supreme Court Road Safety Order: सुनवाई में यह तथ्य भी सामने आया कि 1 अक्टूबर 2015 के बाद बने सभी परिवहन वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (SLD) लगाना अनिवार्य है। लेकिन देश के 2.18 करोड़ परिवहन वाहनों में से केवल 10.70 लाख वाहनों में ही यह डिवाइस लगी है। कोर्ट ने कहा कि तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है। (Supreme Court Road Safety Order) ऐसे में केंद्र सरकार वाहन निर्माताओं को निर्माण और वितरण के समय ही एसएलडी लगाने के बाध्यकारी निर्देश जारी करे।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड पर भी नाराजगी
अदालत ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन में देरी पर भी गंभीर टिप्पणी की। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 215बी के तहत इस बोर्ड का गठन अनिवार्य है, लेकिन पिछले छह वर्षों से यह केवल कागजों में ही सीमित है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को अंतिम अवसर देते हुए तीन महीने के भीतर बोर्ड का गठन पूरा करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी।
इन्हे भी पढ़ें:-
- Ashton Hall Gwalior News: MP के इस युवक की चैलेंज पर अमेरिका से आ धमका मशहूर बॉडी बिल्डर! गांव में होने लगी दोनों की 'फाइट', वीडियो देख आप भी रह जाएंगे दंग
- Liam Dawson Announces Retirement: IPL सीजन के बीच सनराइजर्स को लगा बड़ा झटका, इस दिग्गज ऑलराउंडर ने किया संन्यास का ऐलान
- Karnataka Government News: हिजाब पहनने की इजाजत, भगवा शॉल पर रोक.. यहां की सरकार ने जारी किया आदेश, जानिए क्या है शिक्षण संस्थानों का नया ड्रेस कोड
लेखक के बारे में
I am a content writer at IBC24 and I have learned a lot here so far and I am learning many more things too. More than 4 years have passed since I started working here. My experience here has been very good.
और भी पढ़ें...Web Title: Supreme Court Road Safety Order

Vande Bharat: UP का रण.. किसके ब्राह्मण? MLC चुनाव में 11 में 5 ब्राह्मण चेहरे, क्या ये 2027 से पहले सोशल इंजीनियरिंग की बड़ी तैयारी है?
01 Oct 2026 | 11:57 pm
CG Police Transfer: छत्तीसगढ़ पुलिस में बंपर तबादले, एक साथ इतने इंस्पेक्टरों का ट्रांसफर, पुलिस मुख्यालय से जारी हुआ आदेश
01 Oct 2026 | 11:45 pm
शह मात The Big Debate: ‘SIR’ का सियासी रंग…निकाय चुनाव से पहले जंग! पुरानी मतदाता सूची को यथावत रखने की मांग क्यों? देखें पूरी रिपोर्ट
01 Oct 2026 | 11:26 pm
MP News: प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की भेंट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित
01 Oct 2026 | 10:58 pm
Sakti Crime News: नाबालिग कपल ने चोरी-छिपे की शादी, हुआ बच्चा तो उतारा मौत के घाट, पुलिस के सामने मिनटों में ही खुल गई पोल
01 Oct 2026 | 10:46 pm
Mahanadi Water Management: महानदी जल विवाद को लेकर दिल्ली में हाईलेवल मीटिंग, सीएम साय और माझी की मौजूदगी में अमित शाह ने की बैठक, इन मुद्दों को लेकर हुई चर्चा
01 Oct 2026 | 9:53 pm
Raigad Diveagar Beach Incident: खुशियों के बीच अचानक मचा कोहराम, कुछ ही देर में बदल गया पूरा माहौल, 8 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप
01 Oct 2026 | 8:24 pm
Ayodhya Parikrama Route: अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं
01 Oct 2026 | 7:37 pm