उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली सरकार के बिजली वितरण कंपनियों के कैग ऑडिट पर लगायी रोक

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली सरकार के बिजली वितरण कंपनियों के कैग ऑडिट पर लगायी रोक

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली सरकार के बिजली वितरण कंपनियों के कैग ऑडिट पर लगायी रोक
Modified Date: July 3, 2026 / 01:38 pm IST
Published Date: July 3, 2026 1:38 pm IST

नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली सरकार द्वारा बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के कैग ऑडिट के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी।

यह ऑडिट वर्षों से नियामकीय परिसंपत्तियों (आरए) के रूप में उपभोक्ताओं से वसूली के लिए लंबित 38,500 करोड़ रुपये की भारी राशि के मद्देनजर कराने का निर्णय लिया गया था।

न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता तथा निजी डिस्कॉम कंपनियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों पर गौर किया।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को बिजली वितरण कंपनियों के कैग ऑडिट का आदेश दिया था।

इस आदेश के तहत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को यह जांच करनी थी कि किन परिस्थितियों में बिजली वितरण कंपनियां बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) नियामकीय परिसंपत्तियों की वसूली किए बिना लगातार कार्य करती रहीं।

भाषा गोला रंजन

रंजन


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