राम मंदिर चढ़ावा मामले में प्राथमिकी को चुनौती वाली पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

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राम मंदिर चढ़ावा मामले में प्राथमिकी को चुनौती वाली पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 12:35 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 12:35 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें कथित ‘रोड रेज’ के एक मामले में गाजियाबाद पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी गई है।

उपाध्याय की नयी याचिका का उल्लेख प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष किया गया जिसने इसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

उपाध्याय के वकील ने कहा, ‘‘उनके (मुवक्किल के) खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और अब अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने 20 अगस्त को उनके घर पर छापा मारा। कल भी पुलिस पांच बजे आई थी। मैंने रिट याचिका दायर की है। मेरा अनुरोध है कि इसे आज या कल, जब भी संभव हो, सूचीबद्ध किया जाए।’’

इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने याचिका में मौजूद खामियां दूर किए जाने की शर्त पर मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

उपाध्याय ने याचिका में दावा किया कि प्राथमिकी उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है और यह उनके स्वतंत्र पत्रकारिता के काम को लेकर उन्हें परेशान करने का प्रयास है।

उन्होंने याचिका में कहा कि उन्हें प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है और पुलिस आसपास के दुकानदारों पर संबंधित समय के सीसीटीवी फुटेज को हटाने का दबाव बना रही है।

उपाध्याय ने प्राथमिकी रद्द करने या इसकी जांच उत्तर प्रदेश पुलिस के बजाय किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘याचिकाकर्ता को आशंका है कि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है या शारीरिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए वह सुरक्षित रूप से इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख करने की स्थिति में नहीं हैं।’’

याचिका के मुताबिक, ‘‘उन्हें आशंका है कि प्रभावी न्यायिक संरक्षण मिलने से पहले उत्तर प्रदेश में राज्य तंत्र द्वारा भेजे गए गुंडों के जरिये उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या शारीरिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।’’

याचिका में कहा गया है, ‘‘इसलिए उन्होंने विवादित प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया है। वह जांच में शामिल होने और कानून के अनुसार जांच एजेंसी का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं लेकिन उनका अनुरोध है कि राम जन्मभूमि के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे पर उनकी खबरों के कारण उनके खिलाफ दर्ज मौजूदा और अन्य प्राथमिकियों की जांच दिल्ली पुलिस या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए।’’

गाजियाबाद में कथित ‘रोड रेज’ की घटना को लेकर उपाध्याय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उपाध्याय ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार पर उनकी खबरों के कारण उन्हें फंसाने के लिए यह मामला दर्ज किया गया।

एक यूट्यूब चैनल चलाने वाले उपाध्याय ने दावा किया कि 20 अगस्त की देर रात पुलिस की एक टीम उनके आवास पर पहुंची और उन्हें बताया कि ‘रोड रेज’ तथा अभद्र व्यवहार के आरोप में इंदिरापुरम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

उपाध्याय के अनुसार, कथित घटना 18 अगस्त को गाजियाबाद के शिप्रा मॉल के पास उस समय हुई, जब एक मोटरसाइकिल उनकी कार से कथित तौर पर रगड़ गई थी। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने बाद में पुलिस के आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया और इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की टीम उन्हें संभवतः गिरफ्तार करने के लिए उनके आवास पर आई थी और उन्होंने गाजियाबाद पुलिस से कथित घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी करने का अनुरोध किया।

याचिका के अनुसार, उपाध्याय इससे पहले अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और उत्तर प्रदेश सरकार में कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर खबरें दे चुके हैं।

भाषा

सिम्मी वैभव

वैभव