काकिनाडा, 24 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पूर्वोत्तर और स्थानीय छात्रों के बीच एक मोबाइल फोन गुम होने को लेकर विवाद हो गया। हालांकि, जिला प्रशासन के समय पर हस्तक्षेप के बाद विवाद सुलझा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पूर्वोत्तर के एक छात्र का मोबाइल फोन गुम होने के बाद कॉलेज के छात्रावास में तनाव बढ़ गया। फोन बरामद होने के बावजूद दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप के कारण विवाद बढ़ गया और दोनों गुटों के बीच तीखी तनातनी हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही काकिनाडा के जिलाधिकारी एमएन हरेंद्र प्रसाद और पुलिस अधीक्षक बिंदु माधव ने छात्रों को शांत कराने और स्थिति को सामान्य करने के लिए अधिकारियों को मौके पर भेजा।
एहतियाती कदम के तौर पर मणिपुर और नगालैंड समेत पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों को पास के एक छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनके लिए भोजन और रहने की व्यवस्था की गई।
प्रसाद ने हाल में जारी एक वीडियो संदेश में कहा, “मामला पूर्वोत्तर के एक छात्र के मोबाइल फोन के गुम होने से शुरू हुआ था। फोन बाद में मिल गया था। दोनों पक्षों के छात्रों को शांत कराया गया और पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों को पास के एक छात्रावास में ठहराया गया। वे सभी सुरक्षित हैं।”
उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन को चेतावनी दी गई है और छात्रावास की सुविधाओं में सुधार करने तथा सभी छात्रों के लिए समावेशी माहौल बनाने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन अफवाहों को भी खारिज किया, जिनमें छात्रों के प्रमाणपत्र चोरी होने, फीस जमा नहीं करने और छात्रों को कॉलेज से निकालने के दावे किए जा रहे थे।
उन्होंने कहा, “असल में मामला एक मोबाइल फोन के चोरी होने से जुड़ा था, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। इसके बाद दोनों गुटों के छात्रों के बीच असहमति और गलतफहमी पैदा हो गई।”
पुलिस अधीक्षक माधव ने कहा कि भविष्य में इस तरह के विवादों को रोकने के लिए छात्रों की सभी चिंताओं का समाधान किया जा रहा है।
पूर्वोत्तर के छात्रों ने त्वरित कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया।
एक छात्र ने कहा, “अब हम सुरक्षित हैं। हम उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और हमारी मदद की… उन्होंने हमारे नर्सिंग कॉलेज के पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए अलग रहने की व्यवस्था की है।”
भाषा तान्या वैभव
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