सूरत, पांच मार्च (भाषा) गुजरात के सूरत शहर में नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे 32 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर चार कर्मचारियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी, क्योंकि उसने दवा लेने से इनकार कर दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह घटना यहां डुमास क्षेत्र में स्थित रीवा व्यसन मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में हुई।
सहायक पुलिस आयुक्त श्वेता डेनियल ने पत्रकारों को बताया कि धवल राठौड़ (32) की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार चार लोगों में दो परामर्शदाता, एक वार्ड ब्वाय और एक चालक शामिल हैं। धवल राठौड़ को 28 फरवरी को नशा मुक्ति उपचार केंद्र में भर्ती कराया गया था।
डेनियल ने बताया, ‘राठौड़ ने दवा लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने उसकी पिटाई की। एक मार्च की रात को उसकी हालत बिगड़ने पर उसे 108 नंबर की एम्बुलेंस से न्यू सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि, पुलिस को शरीर पर चोट के निशान मिले, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।’
एसीपी ने बताया, ‘पोस्टमार्टम से पता चला कि राठौड़ की मौत सिर, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगी चोटों के कारण हुई। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य मरीजों से गहन पूछताछ की। पता चला कि दवा लेने से इनकार करने पर आरोपियों का राठौड़ से झगड़ा हुआ था। उन्होंने उसे लाठियों से पीटा।’
पुलिस ने बताया कि जिग्नेश देसाई, रोहन संघानी, शैलेश वाघेला और दिलीप जोशी को गिरफ्तार कर उन पर हत्या और अन्य अपराधों का आरोप लगाया गया है।
भाषा तान्या रंजन
रंजन