आत्मसमर्पण करने वाला माओवादी कमांडर देवजी उच्च शिक्षा हासिल करने का इच्छुक
आत्मसमर्पण करने वाला माओवादी कमांडर देवजी उच्च शिक्षा हासिल करने का इच्छुक
करीमनगर, सात मई (भाषा) इस साल फरवरी में तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाला माओवादी कमांडर तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी फिर से पढ़ाई शुरू करने की योजना बना रहा है और वह कानून की डिग्री हासिल करने का इच्छुक है।
देवजी 1980 के दशक की शुरुआत में भूमिगत हो गया था। उसने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने पर विचार कर रहा है, जिसे उसने बीच में ही छोड़ दिया था।
देवजी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “(मैं उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए) नियमों और विनियमों का पता लगाऊंगा। अगर मुझे विधि क्षेत्र में काम करना है, तो मुझे कानूनों का गहन अध्ययन करना होगा। मैं कानून की पढ़ाई करना चाहता हूं।”
देवजी अभी करीमनगर के पास कोरुतला में अपने पैतृक गांव में रह रहा है। उसने बताया कि वह एक ऐसे समाज की स्थापना के विचारों से प्रभावित होकर, जिसमें सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध हों और भाकपा (माओवादी) के पूर्व महासचिव मुप्पल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति सहित अन्य नेताओं से आकर्षित होकर 1980 के दशक में भूमिगत हो गया था।
देवजी के मुताबिक, उस समय वह 12वीं कक्षा में पढ़ रहा था। उसने कहा कि मौजूदा समय में देश में मध्यम वर्ग का विस्तार हुआ है, लेकिन बेरोजगारी और गरीबी बनी हुई है।
देवजी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उभार से नौकरियों के अवसर घटने पर चिंता जताई।
भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो और उसकी केंद्रीय समिति के सदस्य के रूप में काम कर चुके देवजी ने कहा कि उसे राजनीति में आने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
देवजी ने कहा कि आत्मसमर्पण करके वह मुख्यधारा में शामिल नहीं हुआ है। उसने कहा कि भूमिगत रहते हुए भी वह और उसके साथी लोगों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहे थे।
देवजी ने कहा, “इसलिए, यह मुख्यधारा में वापसी नहीं है। बल्कि, हमने एक बार फिर से आजाद हवा में जीवन जीना शुरू कर दिया है।”
भाषा पारुल मनीषा
मनीषा

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