शुभेंदु अधिकारी ने हल्दिया में इंडियन ऑयल को जमीन उपलब्ध कराने में मदद का आश्वासन दिया

शुभेंदु अधिकारी ने हल्दिया में इंडियन ऑयल को जमीन उपलब्ध कराने में मदद का आश्वासन दिया

शुभेंदु अधिकारी ने हल्दिया में इंडियन ऑयल को जमीन उपलब्ध कराने में मदद का आश्वासन दिया
Modified Date: September 29, 2026 / 02:05 pm IST
Published Date: September 29, 2026 2:05 pm IST

कोलकाता, 29 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हल्दिया में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की रिफाइनरी के साथ पेट्रोकेमिकल परिसर विकसित करने की उसकी लंबे समय से लंबित योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने में मदद का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि विस्तार के लिए 175 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। हल्दिया विकास प्राधिकरण ने पहले ही 85 एकड़ जमीन की व्यवस्था कर ली है और बाकी जमीन की व्यवस्था श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक परिसर के माध्यम से की जा सकती है।

अधिकारी ने कहा कि उन्होंने बंदरगाह प्राधिकरण के समक्ष यह मामला उठाया है, ताकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) को उसके प्रस्तावित विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा सके।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यदि ऐसा होता है, तो आईओसी इस परियोजना को विचार के लिए बोर्ड के समक्ष भेजेगा।’’

सरकारी स्वामित्व वाली प्रमुख तेल कंपनी ने कहा कि वह हल्दिया में विस्तार पर विचार कर रही है, जिसमें रासायनिक डाउनस्ट्रीम परियोजना भी शामिल हो सकती है। आईओसी कई वर्षों से अपनी हल्दिया रिफाइनरी से सटी 175 एकड़ जमीन की मांग कर रही है, ताकि अपने परिचालन का विस्तार करने और डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल सुविधाएं विकसित करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके।

2023 में आईओसी के एक अधिकारी ने कहा था कि कंपनी हल्दिया रिफाइनरी से सटा हुआ एक पेट्रोकेमिकल परिसर विकसित करना चाहती है। उन्होंने कहा था कि केवल रिफाइनरी को अलग से चलाना लाभप्रदता के लिहाज से टिकाऊ नहीं है और इसे पेट्रोकेमिकल इकाइयों से पूरक किए जाने की जरूरत है।

कंपनी ने कहा था कि वह हल्दिया में अपनी पारादीप रिफाइनरी में अपनाए गए मॉडल को दोहराना चाहती है, जहां रिफाइनरी के आसपास एक बड़ा पेट्रोकेमिकल तंत्र विकसित किया गया है।

हल्दिया में विस्तार के लिए जमीन की आवश्यकता लंबे समय से एक बड़ी बाधा रही है।

2021 में तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रसायन एवं उर्वरक तथा पोत परिवहन मंत्रियों को पत्र लिखकर हिंदुस्तान फर्टिलाइजर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के पास मौजूद करीब 175 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए उनके हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।

आईओसी ने यह भी बताया था कि हुगली नदी, रेलवे लाइनों, नहरों और सड़कों से घिरे होने के कारण रिफाइनरी का विस्तार करना मुश्किल है। ऐसे में पूर्वी हिस्से में स्थित एचएफसीएल की जमीन ही विस्तार के लिए उपलब्ध प्रमुख सटी हुई जमीन है।

1975 में 25 लाख टन प्रतिवर्ष की शुरुआती क्षमता के साथ शुरू की गई हल्दिया रिफाइनरी की क्षमता बाद में बढ़ाकर करीब 90 लाख टन प्रतिवर्ष कर दी गई। अब यह रिफाइनरी ईंधन, स्नेहक और विशेष उत्पादों का उत्पादन करती है।

आईओसी की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, रिफाइनरी ने 2024 में अपनी दूसरी कैटेलिटिक आइसो-डीवैक्सिंग इकाई शुरू की, जिसमें ग्रुप तीन स्नेहक (लुब्रिकेंट) बेस स्टॉक का उत्पादन किया जाता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल सरकार प्रत्यक्ष खरीद और भूमि एकत्रीकरण समेत विभिन्न तंत्रों के माध्यम से जमीन अधिक आसानी से उपलब्ध कराकर औद्योगिक परियोजनाओं को सुविधाजनक बनाने की कोशिश कर रही है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव

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