निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए तमिलनाडु के मुख्य सचिव और डीजीपी का तबादला हुआ: पलानीस्वामी
निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए तमिलनाडु के मुख्य सचिव और डीजीपी का तबादला हुआ: पलानीस्वामी
चेन्नई, नौ अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख एडप्पाडी. के. पलानीस्वामी ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु के मुख्य सचिव और डीजीपी के तबादले के निर्वाचन आयोग के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया था।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा आठ अप्रैल को किए गए तबादलों के विरोध पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा, ‘अधिकारियों के तबादलों से उन्हें क्या समस्या है?’
उन्होंने कहा कि ये अधिकारी इतने लंबे समय से द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार के साथ हैं और चुनाव के दौरान उनका तबादला करने में कुछ भी गलत नहीं था।
पलानीस्वामी ने कहा, ‘द्रमुक को लगता है कि वह अधिकारियों पर निर्भर है, लेकिन हम जीत के लिए जनता पर निर्भर हैं। अगर किसी और को नियुक्त किया जाता है तो उन्हें क्या परेशानी है?’
यह टिप्पणी उन्होंने उस समय की, जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के उस बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि चुनाव के दौरान भाजपा शासित राज्यों में इस तरह के तबादले नहीं किए गए।
पलानीस्वामी ने शहर में अपने चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से कहा, “निर्वाचन आयोग चाहता है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों। और इसी आधार पर वे बदलाव कर रहे हैं। इससे हमें क्या फर्क पड़ता है कि कौन आता है?”
उनके मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के तबादलों में विपक्षी दलों और जनता की राय को ध्यान में रखा।
निर्वाचन आयोग ने बुधवार को तमिलनाडु के मुख्य सचिव एन मुरुगनंदम के तबादले का आदेश दिया और उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम साई कुमार को तत्काल प्रभाव से नियुक्त किया।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने मुख्य सचिव के तबादले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग के इस कदम को ‘एकतरफा और राजनीतिक हस्तक्षेप’ करार दिया। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा बार-बार उनकी आलोचना किए जाने के सवाल पर अन्नाद्रमुक महासचिव ने जवाब दिया, ‘उनके पास राजनीतिक रूप से कहने के लिए कुछ नहीं है। अगर वे राजनीतिक टिप्पणी करते हैं तो मैं जवाब दूंगा। लेकिन अगर वे व्यक्तिगत हमले करते हैं तो मैं मुंहतोड़ जवाब दूंगा।’
द्रमुक का गढ़ माने जाने वाले चेन्नई में पार्टी द्वारा द्रमुक को चुनौती देने के फैसले पर पलानीस्वामी ने कहा, ’23 अप्रैल का यह चुनाव साबित करेगा कि चेन्नई अन्नाद्रमुक का गढ़ है।’
भाषा तान्या मनीषा
मनीषा

Facebook


