Indore MY Hospital Fish Case : आधे घंटे तक रुकी रहीं सबकी सांसें! खेल-खेल में बच्चा निगल गया 3 इंच की मछली, फिर अस्पताल में जो हुआ…

इंदौर में एक साल के बच्चे के गले में जिंदा मछली फंसने से हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर 3 इंच लंबी मछली बाहर निकालकर उसकी जान बचाई।

Indore MY Hospital Fish Case : आधे घंटे तक रुकी रहीं सबकी सांसें! खेल-खेल में बच्चा निगल गया 3 इंच की मछली, फिर अस्पताल में जो हुआ…

Indore MY Hospital Fish Case / Image Source : AI GENERATED

Modified Date: April 9, 2026 / 05:03 pm IST
Published Date: April 9, 2026 5:01 pm IST
HIGHLIGHTS
  • खेलते समय एक साल के बच्चे के गले में जिंदा मछली फंस गई।
  • एमवाय हॉस्पिटल में इमरजेंसी ऑपरेशन कर मछली निकाली गई।
  • डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्लभ और जानलेवा मामला बताया।

इंदौर : Indore MY Hospital Fish Case  मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक साल के मासूम बच्चे के गले में जिंदा मछली फंस गई। बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी सांस तक रुकने लगी। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने तत्काल उसे सरकारी अस्पताल एमवाय हॉस्पिटल में भर्ती कराया। घंटों की मशक्कत के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की जान बचा ली।

खेल-खेल में मुंह में गई जिंदा मछली

दरअसल, मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय हॉस्पिटल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक साल के मासूम को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, खेल-खेल में एक छोटी जिंदा मछली बच्चे के मुंह में चली गई, जो सीधे गले में जाकर फंस गई। इसके बाद बच्चा न ठीक से रो पा रहा था, न सांस ले पा रहा था और मुंह से खून भी निकल रहा था।

MP News लगातार हिल रहे थे मछली के पंख

इसके बाद डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि मछली जिंदा थी और उसके पंख व गलफड़े लगातार हिल रहे थे, जिससे बच्चे के स्वरयंत्र और फूड पाइप को गंभीर नुकसान का खतरा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी टीम को अलर्ट किया गया और बच्चे को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। ईएनटी विभाग की हेड डॉ. यामिनी गुप्ता और उनकी टीम ने करीब 3 इंच लंबी गोरामी मछली को बेहद सावधानी से बाहर निकाला। करीब आधे घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद आखिरकार डॉक्टरों को सफलता मिली।

बेहद दुर्लभ है ऐसे मामले

ऑपरेशन के बाद बच्चे की सांस सामान्य हो गई और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इतने छोटे बच्चे में इस तरह का मामला बेहद दुर्लभ है। Indore News विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि छोटे बच्चों में इस तरह की घटनाएं जानलेवा हो सकती हैं, क्योंकि उनकी सांस की नली बहुत संकरी होती है। ऐसे में अभिभावकों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है। बहरहाल, समय पर इलाज और डॉक्टरों की सूझबूझ ने एक मासूम की जान बचा ली, लेकिन यह घटना एक बड़ी सीख भी देती है कि छोटे बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..