तमिलनाडु : राज्यपाल अभिभाषण पढे़ बिना ही सदन से चले गए, स्टालिन ने की आलोचना

तमिलनाडु : राज्यपाल अभिभाषण पढे़ बिना ही सदन से चले गए, स्टालिन ने की आलोचना

तमिलनाडु : राज्यपाल अभिभाषण पढे़ बिना ही सदन से चले गए, स्टालिन ने की आलोचना
Modified Date: January 20, 2026 / 11:09 am IST
Published Date: January 20, 2026 11:09 am IST

चेन्नई, 20 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि मंगलवार को राज्य विधानसभा के इस साल के पहले सत्र में सदन में अपना अभिभाषण पढ़े बिना ही बाहर चले गए। राज्यपाल ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण में ‘‘बहुत-सी गलतियां होने’’ का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने ‘‘परंपरा और नैतिकता का उल्लंघन करते हुए सदन से बाहर जाने’’ के लिए राज्यपाल की कड़ी आलोचना की और बाद में एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें कहा गया कि भाषण का अंग्रेजी संस्करण पढ़ा गया माना जाता है।

स्टालिन ने कहा, ‘‘राज्यपाल परंपराओं और मूल्यों का उल्लंघन करते हुए सदन से बाहर चले गए। राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण में राज्यपाल के लिए अपने विचार व्यक्त करने या कुछ और कहने का कोई प्रावधान नहीं है।’’

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उन्होंने रवि पर जानबूझकर ऐसा करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका यह कृत्य ‘‘सदन का अपमान करने के बराबर है।’’

उन्होंने सत्तारूढ़ द्रमुक के इस रुख को दोहराया कि राज्यपाल की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों (दिवंगत) सीएन अन्नादुरई और एम करुणानिधि ने इस पद का सम्मान किया था।

भाषा गोला शोभना

शोभना


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