तमिलनाडु शराब घोटाला: डीवीएसी की जांच तेज होने के बीच खुदरा शराब बिक्री के निजीकरण की चर्चा

तमिलनाडु शराब घोटाला: डीवीएसी की जांच तेज होने के बीच खुदरा शराब बिक्री के निजीकरण की चर्चा

तमिलनाडु शराब घोटाला: डीवीएसी की जांच तेज होने के बीच खुदरा शराब बिक्री के निजीकरण की चर्चा
Modified Date: July 30, 2026 / 02:03 pm IST
Published Date: July 30, 2026 2:03 pm IST

चेन्नई, 30 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु में करोड़ों रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच तेज होने और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी की कथित संलिप्तता के आरोप सामने आने के बीच राज्य में शराब की खुदरा बिक्री के निजीकरण की चर्चा शुरू हो गई है।

सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के एक सूत्र ने संकेत दिया कि राज्य सरकार शराब की खुदरा बिक्री पर अपना एकाधिकार समाप्त कर कड़े नीतिगत नियंत्रण के साथ निजी क्षेत्र को इसमें प्रवेश की अनुमति देने पर विचार कर सकती है।

यह सुझाव ऐसे समय सामने आया है जब सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच द्रमुक शासनकाल में टासमैक (तमिलनाडु राज्य विपणन निगम) के बार लाइसेंस, परिवहन ठेकों, खरीद और अन्य संबंधित कार्यों में कथित मिलीभगत की जांच तेज कर दी है।

जांच का दायरा वरिष्ठ नेताओं, नौकरशाहों, शराब बनाने वाली इकाइयों और बॉटलिंग सहित संबंधित कार्यों तक फैला है, जिन पर निविदा प्रक्रिया में हेराफेरी कर अवैध रूप से धन अर्जित करने का आरोप है।

इस बीच, मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार के मामले में सेंथिल बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ आवश्यक है।

डीवीएसी ने 29 जुलाई को राज्यभर में करीब 45 स्थानों पर सेंथिल बालाजी से जुड़े परिसरों पर एक साथ छापेमारी की थी। एजेंसी ने औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कर बालाजी, टासमैक के पूर्व प्रबंध निदेशक एस. विसाकन, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधकों और उनके सहयोगियों को नामजद किया है। उन पर वर्ष 2021 से 2025 के दौरान मिलीभगत और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और डीवीएसी का आरोप है कि परिचालन व्यय बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने, फर्जी खरीद, तथा सरकारी शराब विक्रेता टासमैक से अधिक आपूर्ति आदेश हासिल कर करीब 1,000 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि जुटाने की संगठित व्यवस्था बनाई गई।

टीवीके के एक सूत्र ने कहा कि सरकार को भ्रष्टाचार समाप्त करने और राजकोष को होने वाले नुकसान को रोकने के अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। इसके लिए कड़ी सरकारी निगरानी के साथ निजी कंपनियों को शराब की खुदरा दुकानें संचालित करने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।

भाषा मनीषा धीरज

धीरज


लेखक के बारे में