तमिलनाडु सड़क हादसा : केरल के स्कूल में मातम, नौ लोगों की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा

Ads

तमिलनाडु सड़क हादसा : केरल के स्कूल में मातम, नौ लोगों की मौत से गांव में पसरा सन्नाटा

  •  
  • Publish Date - April 18, 2026 / 03:25 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 03:25 PM IST

मलप्पुरम (केरल), 18 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु में हुए भीषण सड़क हादसे में मारे गए नौ लोगों के शव शनिवार को जब उनके गांव पहुंचे तो पूरा क्षेत्र गहरे शोक में डूब गया।

एक साथ यात्रा शुरू करने वाले सहकर्मी और परिजन अब नौ एंबुलेंस में मृतक के रूप में लौटे, जिससे पूरे गांव में मातम छा गया।

मलप्पुरम जिले के पांग गांव स्थित एक सरकारी स्कूल परिसर में शनिवार को सामूहिक शोक का माहौल देखने को मिला, जब पल्लिपरंबा सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल से जुड़े शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और उनके परिजनों के शव वहां लाए गए।

ये सभी लोग शुक्रवार को पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में हुए सड़क हादसे में जान गंवा बैठे थे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौ एंबुलेंस का काफिला सुबह मलप्पुरम पहुंचा और शवों को एंबालापरम्बु सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में रखा गया, जहां लोगों ने अंतिम दर्शन किए।

शवों के पहुंचते ही बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, सहकर्मी और ग्रामीण मौके पर जुट गए। पूरे माहौल में गहरा दुख और अविश्वास साफ झलक रहा था।

एक शिक्षक ने भावुक होकर कहा, “अब स्टाफ रूम में सिर्फ तीन लोग ही बचे हैं।” वहीं एक अन्य शिक्षिका ने बताया कि वह भी इस यात्रा में शामिल होने वाली थीं, लेकिन किसी कारणवश योजना बदल गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल समुदाय एक परिवार की तरह था और इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

जानकारी के अनुसार, 13 लोगों का समूह शुक्रवार सुबह यात्रा पर निकला था, जिसमें शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, उनके परिजन और चालक शामिल थे। यह यात्रा अनौपचारिक थी और इसमें अथिराप्पिल्ली जलप्रपात के बाद तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के वालपराई जाने की योजना थी और इसी क्रम में यह दुर्घटना हुई।

हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज पड़ोसी राज्य के अस्पतालों में चल रहा है।

सभी नौ शवों का पोस्टमार्टम तमिलनाडु के पोल्लाची स्थित सरकारी अस्पताल में मध्यरात्रि से तड़के चार बजे के बीच किया गया, जिसके बाद उन्हें केरल लाया गया। बाद में शवों को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक घरों में ले जाया गया।

इस बीच राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने स्कूल पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री ने कहा कि इस घटना ने स्कूल को गहरा आघात पहुंचाया है, क्योंकि मृतकों में अधिकतर शिक्षक शामिल थे।

उन्होंने कहा कि स्कूल के पुनः खुलने से पहले आवश्यक शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति के लिए सरकार तत्काल कदम उठाएगी। साथ ही प्रभावित छात्रों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था की जाएगी और मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

भाषा मनीषा सुरेश

सुरेश