भुवनेश्वर, 18 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक स्कूली छात्रा की कथित तौर पर खाद्य विषाक्तता से हुई मौत के विरोध में शनिवार को विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) द्वारा बुलाए गये 12 घंटे के बंद के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। अधिकारियों ने बताया कि जिले के एक सरकारी आवासीय विद्यालय में भोजन करने के बाद पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की कथित खाद्य विषाक्तता से मौत हो गई और 100 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए।
कांग्रेस ने भी सुबह छह बजे शुरू हुए इस बंद का समर्थन किया।
बीजद व कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों द्वारा जिले के विभिन्न हिस्सों में सड़कों को अवरुद्ध करने और टायर जलाने के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
उत्तरी ओडिशा के कई जिलों में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे, हालांकि कड़ी सुरक्षा के बीच कुछ कार्यालय खुले रहे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बंद को देखते हुए जिले में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बीजद की जिला इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सुदाम मरांडी ने पत्रकारों से कहा, “हम घटना की सच्चाई जानने के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में न्यायिक जांच की मांग करते हैं। सभी दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने चाहिए।”
कांग्रेस जिला इकाई के अध्यक्ष पूर्णा बिस्वाल ने कहा कि भाजपा सरकार को मृतक छात्र के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और नौकरी देनी चाहिए।
भाषा जितेंद्र रंजन
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