संसद का बजट सत्र : रचे गये कई इतिहास

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संसद का बजट सत्र : रचे गये कई इतिहास

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  • Publish Date - April 18, 2026 / 03:19 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 03:19 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) संसद का शनिवार को संपन्न हुआ बजट सत्र कई बातों को लेकर संसदीय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया तथा इसी दौरान महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सरकार लोकसभा की मंजूरी दिलवाने में विफल रही।

सत्र के दौरान एक दुर्लभ बात उस समय भी देखने को मिली जब राष्ट्रपति अभिभाषण का धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित हो गया। हालांकि राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया।

इसी सत्र के दौरान लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध लाये अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई और निचले सदन ने बाद में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस प्रस्ताव पर चर्चा और इसे खारिज किए जाने तक बिरला ने अध्यक्ष के तौर पर सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं किया।

राज्यसभा में इस सत्र के दौरान एक नया इतिहास तब दर्ज किया गया जब कोई मनोनीत सदस्य उप सभापति पद पर निर्वाचित हुआ। मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार को निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित किया गया।

इससे पहले भी हरिवंश लगातार दो बार उच्च सदन के उप सभापति पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। किंतु उस दौरान वह जनता दल (यू) सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए थे।

वहीं, यह भी एक ऐतिहासिक घटनाक्रम रहा जब किसी राज्य के मुख्यमंत्री को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया हो और उन्होंने पद छोड़ दिया। नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया। उन्होंने बजट सत्र के दूसरे चरण में उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली।

देश में संभवत: पहली बार आम बजट रविवार को पेश किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी, 2026 यानी रविवार को अगले वित्त वर्ष के लिए बजट पेश किया। उन्होंने अपना लगातार नौवां बजट पेश किया।

इसी सत्र में एक नया इतिहास यह भी बना कि सत्र का समापन होने से ठीक पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम की केवल धुन बजाये जाने के स्थान पर इसके पूरे छह अंतरों का पहले से रिकार्ड किया गया गान बजाया गया।

लोकसभा में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर एकसाथ चर्चा की गयी। हालांकि संविधान संशोधन विधेयक पर हुए मतदान में यह पारित नहीं हो पाया। इस कारण से सरकार ने अन्य दो विधेयक पारित करवाने के लिए नहीं रखा।

मोदी सरकार के लगभग 12 वर्ष के कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई सरकारी विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका।

संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था और इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चला था। इसका दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू हुआ और सरकार ने पहले घोषणा की थी कि यह दो अप्रैल तक चलेगा। किंतु दो अप्रैल को संसद के दोनों सदनों में घोषणा की गयी कि अगली बैठक 16 अप्रैल को होगी। सत्र को आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

भाषा माधव वैभव वैभव अविनाश

अविनाश