तमिलनाडु के विश्वविद्यालय में राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को तीसरे स्थान पर गाए जाने को लेकर विवाद

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तमिलनाडु के विश्वविद्यालय में राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को तीसरे स्थान पर गाए जाने को लेकर विवाद

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 06:36 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 06:36 PM IST

तिरुनेलवेली, 28 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में मंगलवार को सरकारी मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की मौजूदगी में राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को तीसरे स्थान पर गाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

इस मुद्दे पर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने समारोह का बहिष्कार किया।

विश्वविद्यालय के सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल कार्यालय के निर्देश पर समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया गया और अंत में उद्घाटन के दौरान ‘तमिल थाई वाझ्थु’ गाया गया।

हालांकि, राज्य गीत का ‘‘अनादर’’ करने का आरोप लगाते हुए मंत्री और दो स्थानीय विधायकों ने दीक्षांत समारोह का बहिष्कार किया।

तमिलनाडु के बिजली और ऊर्जा संसाधन मंत्री सी. टी. आर. निर्मल कुमार ने शैक्षणिक संस्थानों में गीतों के इस बदले हुए क्रम को लागू किए जाने की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को ही सबसे पहले गाया जाएगा और इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीतिक विवाद खत्म होनी चाहिए।

कुमार ने कहा, “तमिलनाडु में ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में सबसे पहले राज्य गीत गाना स्थापित परंपरा है।”

उन्होंने कहा, “लोकभवन अपने आंतरिक निर्देशों का पालन कर सकता है, लेकिन इन्हें शैक्षणिक संस्थानों पर लागू करना पूरी तरह अस्वीकार्य और निंदनीय है।”

दीक्षांत समारोह से पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और पीएमके ने संबंधित निर्णय की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह राज्य की स्वायत्तता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की नेता कनिमोई ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘तमिलनाडु के किसी विश्वविद्यालय में पहली बार दीक्षांत समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई है और ‘तमिल थाई वाझ्थु’ को तीसरे स्थान पर रखा गया।”

हाल में विश्वविद्यालय के कुलपति एन. चंद्रशेखर ने कहा था कि राज्यपाल कार्यालय के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के अनुसार पहले ‘वंदे मातरम्’, फिर ‘जन गण मन’ और उसके बाद ‘तमिल थाई वाझ्थु’ गाया जाएगा।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल