बदायूं में धर्मांतरण, दुष्कर्म और अपहरण के दोषी तांत्रिक को 10 साल कारावास की सजा

बदायूं में धर्मांतरण, दुष्कर्म और अपहरण के दोषी तांत्रिक को 10 साल कारावास की सजा

बदायूं में धर्मांतरण, दुष्कर्म और अपहरण के दोषी तांत्रिक को 10 साल कारावास की सजा
Modified Date: July 21, 2026 / 03:54 pm IST
Published Date: July 21, 2026 3:54 pm IST

बदायूं (उप्र), 21 जुलाई (भाषा) बदायूं जिले की एक विशेष अदालत ने एक महिला और उसकी बेटी के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और दुष्कर्म के आरोपी एक तांत्रिक को दोषी करार देते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया। एक अधिवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता मदनलाल राजपूत ने बताया कि त्वरित अदालत की विशेष न्यायाधीश नेहा गर्ग ने सोमवार को सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी तांत्रिक शाकिर हुसैन को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई और उस पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

राजपूत ने बताया कि बिल्सी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 27 मई 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 21 मार्च 2025 को रिसोली गांव निवासी शाकिर हुसैन उसकी पत्नी और बेटी को बहला फुसलाकर ले गया था। पुलिस ने इस मामले में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया।

उन्‍होंने बताया कि पीड़ित महिला ने अदालत में बताया कि शाकिर तांत्रिक है और बीमार बेटे के इलाज के बहाने वह उनके घर आने-जाने लगा। फिर मौका पाकर महिला और उसकी बेटी को कासगंज के सिढ़पुरा में एक कमरे में बंद कर दिया।

महिला ने आरोप लगाया था कि वहां जबरन नमाज पढ़वाकर धर्म परिवर्तन कराया गया और विरोध करने पर बेटी को जान से मारने की धमकी दी और महिला के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने महिला को करीब तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा।

अदालत ने सभी आरोपों को सही मानते हुए शाकिर हुसैन को दोषी करार दिया।

भाषा सं आनन्द शफीक

शफीक


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