डॉ. वंदना दास के सनसनीखेज हत्या मामले में दोषी शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा

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डॉ. वंदना दास के सनसनीखेज हत्या मामले में दोषी शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 02:15 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 02:15 PM IST

कोल्लम (केरल), 21 मार्च (भाषा) केरल में कोल्लम के एक अस्पताल में डॉ. वंदना दास की सनसनीखेज हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए शिक्षक को शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह आरोपी के लिए मृत्युदंड दिए जाने का अनुरोध करते हुए अपील दायर करेगा। चिकित्सक के परिवार ने भी फांसी दिए जाने की मांग की है।

डॉ. दास की मई 2023 में एक तालुक अस्पताल के अंदर जी संदीप द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

विशेष लोक अभियोजक (एसएसपी) प्रताप जी पडिकल ने पत्रकारों को बताया कि कोल्लम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने संदीप को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए कुल 30 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई और कहा कि इस सजा को पूरा करने के बाद चिकित्सक की हत्या के लिए उसकी आजीवन कारावास की सजा शुरू हो जाएगी।

इस मामले में विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।

विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि वह अभियोजन पक्ष को यह सिफारिश करेंगे कि आजीवन कारावास की सजा को मृत्युदंड में बदलने के लिए अपील दायर की जाए।

उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने संदीप के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी, ‘‘लेकिन अदालत ने शायद इसे दुर्लभतम मामला नहीं माना’’ और इसीलिए मृत्युदंड नहीं दिया गया।

डॉ. दास के पिता ने कहा कि यह फैसला परिवार के लिए राहत की बात है, लेकिन वह निश्चित रूप से यह नहीं कह सकते कि उनकी बेटी को न्याय मिला है या नहीं।

उन्होंने सजा पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लोक अभियोजक के साथ चर्चा के बाद सजा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

चिकित्सक की मां ने कहा कि परिवार केवल अधिकतम सजा की उम्मीद कर सकता है और सजा तय करना अदालत का काम है।

उन्होंने कहा कि परिवार अपील करेगा, लेकिन इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि उनकी बेटी को न्याय मिला या नहीं।

नम आंखों से उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि दोषी को भी वही दर्द सहना पड़े जो उनकी बेटी को सहना पड़ा था ‘‘जब उसने उसे 27 बार चाकू मारा था’’।

अदालत ने 17 मार्च को संदीप को तत्कालीन भादंसं के तहत हत्या, सबूतों को नष्ट करने और गलत तरीके से बंधक बनाने सहित विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराया था।

अदालत ने उसे केरल स्वास्थ्य सेवा कर्मी और स्वास्थ्य सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) अधिनियम 2012 के प्रावधानों के तहत भी दोषी ठहराया।

संदीप को 10 मई 2023 की तड़के पुलिस द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए तालुक अस्पताल लाया गया था और उसने उस कमरे में रखी सर्जिकल कैंची से अचानक हमला कर दिया, जहां उसके पैर की चोट का उपचार किया जा रहा था।

पेशे से एक स्कूल शिक्षक संदीप ने पहले पुलिस अधिकारियों और एक व्यक्ति पर हमला किया जो उसके साथ अस्पताल गए थे और फिर युवा चिकित्सक दास पर हमला कर दिया।

उस पर कई बार चाकू से वार किया गया और हमले के बाद चिकित्सक को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

डॉ. दास कोट्टायम जिले के कदुथुरुथी क्षेत्र की मूल निवासी थीं और अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं।

वह अजीजिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाउस सर्जन थीं और प्रशिक्षण के रूप में कोट्टारक्कारा तालुक अस्पताल में कार्यरत थीं।

संदीप ने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करके अपनी जान को खतरा बताया था। जब स्थानीय पुलिस उसके पास पहुंची, तो वह अपने घर के पास खड़ा था, जिसके चारों ओर स्थानीय निवासी और रिश्तेदार मौजूद थे। एक कथित झगड़े के कारण उसके पैर में चोट लगी थी।

उसे चोट के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।

भाषा

गोला खारी

खारी