उप्र में शिक्षक एसआईआर और गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे, पढ़ाई पर हो रहा असर : जावेद अली खान
उप्र में शिक्षक एसआईआर और गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे, पढ़ाई पर हो रहा असर : जावेद अली खान
नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में दावा किया कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि शिक्षकों को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया गया है।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों के बड़ी संख्या में रिक्त पदों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा का सरकारी ढांचा लगभग ध्वस्त हो गया है… स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो रही है। करीब 1.5 लाख ‘शिक्षा मित्र’ बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं।’’
खान ने कहा कि राज्य में 4.18 लाख स्थायी शिक्षक पदों में से करीब 85,000 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहीं दूसरी ओर बचे हुए शिक्षकों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के काम में लगा दिया गया है।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच महीनों से सभी शिक्षक एसआईआर के काम में लगे हुए हैं। कहीं भी पढ़ाई का काम नहीं हो रहा है।”
खान ने कहा कि एसआईआर के अलावा शिक्षकों को जनगणना कार्य, राशन कार्ड सत्यापन जैसे अन्य कार्य भी करने के लिए कहा जाता है।
उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने मांग की कि प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को आपदा प्रबंधन को छोड़कर अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाना चाहिए।
भाषा
मनीषा वैभव
वैभव

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