प्रौद्योगिकी तब सबसे बेहतर काम करती है जब वह कर्मचारियों को प्रतिस्थापित ना करे:रिपोर्ट
प्रौद्योगिकी तब सबसे बेहतर काम करती है जब वह कर्मचारियों को प्रतिस्थापित ना करे:रिपोर्ट
(गुंजन शर्मा)
नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) खुदरा क्षेत्र में मानव संसाधन प्रौद्योगिकी तब सबसे बेहतर काम करती है जब यह केवल उन्नत प्रणालियों पर निर्भर रहने के बजाय अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को स्टोर परिसर को ग्राहक के लिए बेहतर अनुभव वाला बनाने में मददगार होती है। हालिया शोध में यह जानकारी सामने आई है।
गोवा प्रबंधन संस्थान (जीआईएम), भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), रांची और अमेरिका के कंसास सिटी स्थित मिसौरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ सोशियोलॉजी एंड सोशल पॉलिसी’ में प्रकाशित हुए हैं।
अध्ययन में पाया गया कि कंपनियों के संचालन के सामाजिक और तकनीकी संदर्भ को ध्यान में रखते हुए उनके रणनीतिक विकल्प उनकी मानव संसाधन योजना को आकार देते हैं, जो प्रौद्योगिकी संबंधी विकल्पों का आधार बनता है।
यह शोध ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय खुदरा क्षेत्र के अगुवा लोगों को प्रतिस्पर्धियों और सलाहकारों से मानव संसाधन और कार्यबल प्रबंधन को डिजिटल करने का दबाव झेलना पड़ रहा है।
शोध से पता चलता है कि बड़े वैश्विक खुदरा विक्रेताओं द्वारा उपयोग की जाने वाली प्रौद्योगिकी को अपनाने मात्र से खुदरा क्षेत्र से जुड़े कई कामों को प्रभावी ढंग से करने में मदद नहीं मिलती है।
जीआईएम में संगठनात्मक व्यवहार और मानव संसाधन प्रबंधन की प्रोफेसर अनामिका सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘खुदरा क्षेत्र में, केवल प्रौद्योगिकी सबसे बेहतर लाभ नहीं देती, बल्कि कर्मचारी इसे बेहतर बनाते हैं। असली सवाल यह नहीं है कि कौन सी प्रौद्योगिकी मौजूद है, बल्कि यह है कि कौन सी तकनीक उस स्थान पर पहले से कार्यरत कर्मियों के साथ किसी स्टोर को प्रति वर्ग फुट अधिक लाभ कमाने में मदद करती है।
अध्ययन में यह भी पाया गया है कि अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के साथ सही प्रौद्योगिकी का उपयोग करने से न केवल बिक्री, खरीदारी की मात्रा और ग्राहक जुड़ाव में सुधार होता है, बल्कि स्टोर के संसाधनों का उपयोग करके लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।
भाषा शफीक संतोष
संतोष

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