तेलंगाना आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बस सेवाएं प्रभावित

तेलंगाना आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बस सेवाएं प्रभावित

तेलंगाना आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बस सेवाएं प्रभावित
Modified Date: April 22, 2026 / 01:22 pm IST
Published Date: April 22, 2026 1:22 pm IST

हैदराबाद, 22 अप्रैल (भाषा) ‘तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी)’ के कर्मचारियों द्वारा बुधवार को निकाय के सरकार के साथ विलय सहित अपनी 32 मांगों के समर्थन में हड़ताल शुरू किये जाने के कारण पूरे राज्य में निगम की बस सेवाएं बाधित रहीं।

आरटीसी बसों के बस अड्डों पर ही खड़े रहने की वजह से यात्रियों को निजी परिवहन पर निर्भर होना पड़ा।

आरटीसी ने जनता की सुविधा के लिए निजी तथा इलेक्ट्रिक बसें चलाने की कोशिश की।

करीब 65 लाख लोगों द्वारा आरटीसी बसों के रोजाना उपयोग को ध्यान में रखते हुए परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कुल 32 में से 29 मांगों पर सरकार का कोई विरोध नहीं है और आरटीसी का सरकार के साथ विलय तथा निगम के मान्यता प्राप्त संघों में चुनाव जैसी दो प्रमुख मांगों पर तकनीकी मुद्दे सुलझाने की जरूरत है।

आरटीसी कर्मचारियों के नेताओं ने मंगलवार रात अधिकारियों की एक समिति के साथ बातचीत विफल होने के बाद बुधवार सुबह से हड़ताल करने की घोषणा की थी।

संयुक्त कार्य समिति के एक नेता के मुताबिक, अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को रिपोर्ट सौंपने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था, जिसके बाद सरकार को जवाब देना था।

उसने कहा, ‘हमें लगता है कि अधिकारियों की समिति हड़ताल टालने के लिए नियुक्त की गई है। इसे समस्याओं का समाधान करने के लिए नहीं बल्कि समय निकालने के लिए बनाया गया है।’

कर्मचारियों की 32 मांगों में लंबित वेतन संशोधन और आरटीसी का सरकार के साथ विलय शामिल है।

आरटीसी कर्मचारियों ने कहा कि महिलाओं के लिए सरकार द्वारा चलाई गयी मुफ्त यात्रा योजना उनकी मेहनत से सफल हुई।

कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति सरकार के सकारात्मक रवैये का उल्लेख करते हुए आरटीसी प्रबंध निदेशक वाई. नागी रेड्डी ने मंगलवार रात कहा कि मांगों में वित्तीय कारणों से सरकार को कम से कम चार सप्ताह के समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मुद्दों को चरणबद्ध तरीके से संबोधित करने को तैयार होने के बावजूद कुछ यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया और कर्मचारियों को गुमराह किया।

उन्होंने कर्मचारियों से निगम के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने काम पर लौटने की अपील की।

आरटीसी की वेबसाइट के अनुसार, निगम की 68 प्रतिशत बसें ग्रामीण तथा 32 प्रतिशत बसें शहरी आबादी को सेवा प्रदान करती हैं।

भाषा मनीषा

मनीषा


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