विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के नवजीवन में प्रवेश का आनंदोत्सव : राज्यपाल बागडे
विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के नवजीवन में प्रवेश का आनंदोत्सव : राज्यपाल बागडे
जयपुर, आठ जनवरी (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के नवजीवन में प्रवेश का एक आनंदोत्सव बताया है।
बागडे ने गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने दीक्षांत समारोह के लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि स्वर्ण पदक पाने वाले 35 विद्यार्थियों में से 25 छात्राएं हैं।
राज्यपाल ने कहा, ‘‘ गरीब, पिछड़े एवं वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने का एकमात्र साधन शिक्षा है। हमें अपनी प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि यह शिक्षा का मूल है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि सबके लिए बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके।’’
एक आधिकारिक बयान के अनुसार राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के लिए प्रतिभाशाली व्यक्तित्व का निर्माण करने की आवश्यकता है।
उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से कहा, ‘‘ पढ़ाई से आपकी बौद्धिक क्षमता का विकास हुआ है, इसे और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आजीवन ज्ञान की खोज में जुटे रहना चाहिए।’’
बागडे ने कहा, ‘‘सफलता के लिए आत्मविश्वास- आत्मबल की आवश्यकता होती है। इसके लिए निरंतर अभ्यास एवं कठोर परिश्रम की जरूरत है। कठोर परिश्रम से हम जीवन को बेहतर बना सकते हैं। हमें जीवन में परिश्रम का निश्चय करना चाहिए।’’
राज्यपाल ने कहा, ‘‘नैतिक आचरण हमारी संस्कृति और परंपरा है। दुनिया में जब कहीं कोई विश्वविद्यालय नहीं था, तब भारत में तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्वविद्यालय थे। हमारी ज्ञान परंपरा वहां से चली आ रही है। विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को भारत का स्वर्णिम गौरव लाने का प्रण करना चाहिए।’’
भाषा
पृथ्वी रवि कांत

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