अदालत ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में सीबीआई के संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की

अदालत ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में सीबीआई के संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की

अदालत ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में सीबीआई के संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की
Modified Date: May 21, 2026 / 04:16 pm IST
Published Date: May 21, 2026 4:16 pm IST

कोलकाता, 21 मई (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में बृहस्पतिवार को सीबीआई की तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया, जो पीड़िता प्रशिक्षु डॉक्टर द्वारा नौ अगस्त 2024 की रात को भोजन करने से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक के घटनाक्रम की जांच करेगी।

नौ अगस्त, 2024 की रात को अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई, जिससे राज्य के साथ-साथ पूरे देश में आक्रोश फैल गया।

आरोप हैं कि सबूतों को नष्ट किया गया और घटना के तुरंत बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई।

न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने कहा कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। टीम के अन्य दो सदस्यों का चयन न्यायालय के आदेश के 48 घंटों के भीतर किया जाएगा।

पीठ ने कहा कि इस भयावह घटना के सामाजिक परिणामों को ध्यान में रखते हुए, तीन सदस्यीय एसआईटी साक्ष्यों को नष्ट करने और मामले को दबाने के आरोपों की जांच करेगी।

एसआईटी को घटना की रात प्रशिक्षु डॉक्टर के अस्पताल में भोजन करने से लेकर अगली शाम उनके अंतिम संस्कार तक की घटनाओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने एसआईटी को 25 जून तक एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिस दिन मामले की अगली सुनवाई होगी।

पीड़िता के माता-पिता ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार और हत्या की विस्तृत जांच का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि इस जघन्य अपराध में एक से अधिक व्यक्ति शामिल थे।

नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

भाषा शफीक अविनाश

अविनाश


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