चार राज्यों, एक केंद्रशासित प्रदेश का चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी

चार राज्यों, एक केंद्रशासित प्रदेश का चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी

चार राज्यों, एक केंद्रशासित प्रदेश का चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी
Modified Date: February 17, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: February 17, 2026 7:42 pm IST

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, जिससे संबंधित कार्यक्रम मार्च के मध्य में घोषित किए जाने की संभावना है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा ‘‘मार्च के मध्य में किसी समय’’ एक साथ करेगा और चुनाव अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर हो सकते हैं।

पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है।

जहां पुडुचेरी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा, वहीं असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 20, 23, 10 और सात मई को खत्म हो रहा है।

निर्वाचन आयोग ने पहले ही चुनाव वाले राज्यों का दौरा करना शुरू कर दिया है और चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए असम में पहले से ही मौजूद है।

पिछली बार, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हुए थे- जो अब तक के सर्वाधिक चरण हैं। असम में चुनाव दो चरण में, जबकि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में हुए थे। जिन विधानसभाओं के चुनाव होने वाले हैं, उनमें से पुडुचेरी पहला राज्य है, जिसने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 14 फरवरी को अपनी अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी।

तमिलनाडु मंगलवार को एसआईआर के बाद अपनी अंतिम सूची जारी करेगा, जबकि केरल 21 फरवरी को ऐसा करेगा।

पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

असम में एसआईआर की जगह मतदाता सूचियों का ‘विशेष पुनरीक्षण’ हुआ था और अंतिम सूची 10 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।

गुवाहाटी में, असम के राजनीतिक दलों ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से राज्य में विधानसभा चुनाव एक या अधिकतम दो चरणों में कराने का आग्रह किया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की पूर्ण पीठ असम में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए दौरे पर है।

राजनीतिक दलों ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि वह 14 अप्रैल को पड़ने वाले बिहू त्योहार को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तारीखें निर्धारित करे।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप


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