प्रियंका की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘ब्रांड वायनाड’ पर्यटन परियोजना विकसित करने का निर्णय
प्रियंका की अध्यक्षता में हुई बैठक में 'ब्रांड वायनाड' पर्यटन परियोजना विकसित करने का निर्णय
वायनाड (केरलम), 22 सितंबर (भाषा) कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एक बैठक में ‘ब्रांड वायनाड’ नाम से एक व्यापक पर्यटन ब्रांड विकसित करने का फैसला किया गया, ताकि इस पहाड़ी जिले की अनूठी प्रकृति, संस्कृति, कृषि विरासत और स्थानीय उत्पादों को दुनिया के सामने पेश किया जा सके।
पर्यटन विभाग ने एक बयान में कहा कि वायनाड में पर्यटन परियोजनाओं पर जिला कलेक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ और राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार मौजूद थे।
सरकार ने इससे पहले राज्य के बजट में ‘ब्रांड वायनाड’ परियोजना की घोषणा की थी।
विभाग ने कहा कि इसका मकसद वायनाड को सिर्फ एक पर्यटन केंद्र के तौर पर नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में एक पर्यटन उत्पाद के तौर पर पेश करना है, ताकि यहां आने वाले लोग यहां की प्रकृति, जीवन-शैली और संस्कृति को करीब से देख सकें।
पर्यटन विभाग ने कहा कि वायनाड कॉफी, मसाले, पारंपरिक चावल की किस्में और शहद जैसे खास उत्पादों के साथ-साथ स्थानीय भोजन, खेती के तरीके, आदिवासी विरासत और ग्रामीण अनुभवों को भी पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
विभाग ने कहा कि ‘ब्रांड वायनाड’ टिकाऊ विकास के जरिए, वायनाड में आई आपदा के बाद की अर्थव्यवस्था को नयी गति देगा और यह विकास जिले की प्राकृतिक विशिष्टता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को बनाए रखेगा।
ज़िला प्रशासन के एक बयान के अनुसार, वाद्रा अपने संसदीय क्षेत्र की 10 दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में जारी कार्यों का जायजा लिया और कहा कि यहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
प्रियंका ने कहा कि सुल्तान बाथेरी तालुक अस्पताल को ज़िला अस्पताल में उन्नयन करने के लिए कदम उठाए गए हैं, जबकि नल्लुरनाड ट्राइबल हॉस्पिटल में कैंसर सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है।
बयान के अनुसार, कांग्रेस सांसद ने आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवा, टीकाकरण और पोषण पुनर्वास केंद्रों के कामकाज की समीक्षा की।
कांग्रेस सांसद ने जिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि वह जिले के आदिवासी गांवों में बिजली संकट और केरल राज्य बिजली बोर्ड के समक्ष आ रही अन्य चुनौतियों का जल्द से जल्द समाधान करें।
बयान के अनुसार, उन्होंने जिले में मानव और जानवरों के बीच संघर्ष समेत कई मुद्दों पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके उनके कामकाज की समीक्षा की।
बयान के अनुसार, वाद्रा ने ‘दिशा’ यानी ज़िला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को ज़िले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आने वाली सभी सड़कों के लिए एक कार्य योजना तैयार करने और काम जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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