बदमाशों ने ठेकेदार के तीन वाहनों में आग लगाई, फर्जी पोस्टर लगाए

बदमाशों ने ठेकेदार के तीन वाहनों में आग लगाई, फर्जी पोस्टर लगाए

बदमाशों ने ठेकेदार के तीन वाहनों में आग लगाई, फर्जी पोस्टर लगाए
Modified Date: January 13, 2026 / 09:49 pm IST
Published Date: January 13, 2026 9:49 pm IST

भवानीपाटणा (ओडिशा), 13 जनवरी (भाषा) ओडिशा के कालाहांडी जिले में बदमाशों ने एक स्थानीय ठेकेदार के तीन वाहनों में आग लगा दी और इसके बाद इसमें माओवादियों की संलिप्तता को दर्शाने के लिए घटनास्थल पर माओवादियों से जुड़े फर्जी पोस्टर लगा दिए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात बदमाशों ने नरला थाने से लगभग 10 किलोमीटर दूर रूपरा रोड-चटामहल मार्ग पर स्थित ठेकेदार के गोदाम में खड़ी तीन गाड़ियों में आग लगा दी।

परिसर में माओवादी प्रतीकों वाले पोस्टर और धमकी भरे पत्र मिले, जिनमें 35 लाख रुपये की मांग की गई और भुगतान न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।

 ⁠

पुलिस ने बताया कि पत्रों में एक व्यक्ति को निजी तौर पर भी धमकी दी गई।

नरला थाने से पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पोस्टरों में इस्तेमाल की गई भाषा माओवादी संगठनों द्वारा आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा से मेल नहीं खाती है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि मौके पर लगे पोस्टरों की सावधानीपूर्वक जांच और विश्लेषण करने पर पता चला कि ये नकली माओवादी पोस्टर हैं।

कालाहांडी के पुलिस अधीक्षक नागराज देवराकोंडा ने कहा, ‘‘नरला क्षेत्र में माओवादियों की कोई गतिविधि नहीं है। पोस्टरों की विषयवस्तु, लेखन शैली, भाषा और प्रचार विधि माओवादी संगठनों की ज्ञात कार्यप्रणाली से मेल नहीं खाती।’’

उन्होंने कहा कि घटना में माओवादियों के शामिल होने की बात मनगढ़ंत प्रतीत होती है, जिसका उद्देश्य जनता में भय पैदा करना और पुलिस की जांच को गुमराह करना है।

देवराकोंडा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि कुछ स्थानीय बदमाशों ने यह अपराध किया है। हम इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए गहन जांच कर रहे हैं।’’

पिछले साल अक्टूबर में इसी ठेकेदार की शिकायत पर नरला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ठेकेदार को एक पत्र मिला था जिसमें माओवादी समिति का नाम बताकर वसूली की मांग की गई थी और भुगतान न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि पहले मामले की जांच के दौरान आरोपी शिकायतकर्ता के परिवार का सदस्य निकला। इस घटना के पीछे ठेकेदार का बेटा था, जिसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।

पुलिस ने बताया कि लगभग एक महीने पहले उच्च न्यायालय ने उसके बेटे को जमानत पर रिहा कर दिया जो फिलहाल अपने घर रह रहा है।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में