देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,552 हुई

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,552 हुई

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,552 हुई
Modified Date: December 29, 2022 / 11:43 am IST
Published Date: December 29, 2022 11:43 am IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (भाषा) भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 268 नए मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,77,915 पर पहुंच गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,552 हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में संक्रमण के एक मरीज की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,30,6968 हो गई। संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से जान गंवाने वाले मरीजों की सूची में एक नाम और जोड़ा है। कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,552 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 84 की वृद्धि दर्ज की गई। देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है।

आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 0.11 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 0.17 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में 2,36,919 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। देश में अभी तक कुल 4,41,43,665 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.08 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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