भारत में मुसलमानों की आबादी कभी भी हिंदुओं से अधिक नहीं होगी: ओवैसी

Ads

भारत में मुसलमानों की आबादी कभी भी हिंदुओं से अधिक नहीं होगी: ओवैसी

  •  
  • Publish Date - February 7, 2026 / 12:53 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 12:53 PM IST

हैदराबाद, सात फरवरी (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भारत में मुस्लिम आबादी कभी भी हिंदू आबादी से अधिक नहीं होगी।

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने तेलंगाना में नगर निगम चुनाव से पहले शुक्रवार रात निजामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया भाषण को सुन रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूरी दुनिया की आबादी बूढ़ी हो रही है जबकि भारत की आबादी युवा है।

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने सवाल किया, “अगर प्रधानमंत्री से पूछा जाए कि देश की 60 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम उम्र की है तो उन्होंने (मोदी ने) उनके रोजगार के लिए क्या उपाय किए हैं और उन्हें कौन से कौशल सिखाए हैं?”

उन्होंने कहा, “बीस साल बाद, यह युवा आबादी बूढ़ी हो जाएगी। महंगाई कितनी बढ़ेगी और उन्हें कितना खर्च करना पड़ेगा, इस बारे में हम सोचते ही नहीं। इसके बजाय, वे कहते हैं कि मुसलमानों की आबादी बढ़ रही है… मुस्लिम आबादी स्थिर हो जाएगी। भारत में मुसलमानों की आबादी कभी भी हिंदुओं की आबादी से अधिक नहीं होगी।”

ओवैसी ने कहा, “अब उन्हें समझ आ रहा है कि 25-30 साल बाद, देश की आबादी बूढ़ी हो जाएगी। रा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भगवत कहते हैं कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। हालांकि वह खुद ऐसा नहीं करते, यह अलग बात है।”

उन्होंने कहा, “पहले कहा जाता था कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक विधेयक लाया जाएगा और वे मुसलमानों की आलोचना करते थे। अब उन्हें एहसास हो गया है कि जब देश की आबादी बूढ़ी होगी तो इसका देश पर क्या असर पड़ेगा।”

ओवैसी ने टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच का पाकिस्तान द्वारा बहिष्कार किये जाने पर कहा कि भारत मेजबानी कर रहा है और ‘बेकार’ पाकिस्तानी टीम कह रही है कि वह भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी।

उन्होंने कहा, “आपको उन्हें (पाकिस्तान को) बताना चाहिए था कि आप यहां क्यों आए और अगर आप नहीं खेलेंगे तो यहां से चले जाएं। लेकिन आप चुपचाप बैठे सुन रहे हैं।”

ओवैसी ने मोदी सरकार पर चीन के (सीमा) मुद्दे पर चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया।

भाषा जितेंद्र अमित

अमित