विकसित राष्ट्र बनने का मार्ग खेतों, किसानों और गांवों से होकर गुजरता है : बिरला

विकसित राष्ट्र बनने का मार्ग खेतों, किसानों और गांवों से होकर गुजरता है : बिरला

विकसित राष्ट्र बनने का मार्ग खेतों, किसानों और गांवों से होकर गुजरता है : बिरला
Modified Date: June 13, 2026 / 06:20 pm IST
Published Date: June 13, 2026 6:20 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का मार्ग उसके खेतों, किसानों और गांवों से होकर गुजरता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सतत कृषि, नवाचार और अनुसंधान ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के प्रमुख आधार हैं तथा पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के प्रभावी समन्वय के माध्यम से भारत वैश्विक कृषि नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।

बिरला “विकसित भारत ऐट 2047 के लिए सतत कृषि : परंपरा, प्रौद्योगिकी और ठोस परिणाम” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बिरला ने कहा कि भारत में कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, सभ्यता और जीवन-दर्शन का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने तथा समावेशी विकास को गति देने में कृषि की केंद्रीय भूमिका है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के गांव उसकी वास्तविक शक्ति हैं और किसान देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना के भी आधार स्तंभ हैं।

जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान-आधारित, अनुसंधान-संचालित और नवाचार-केंद्रित कृषि की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि ज्ञान और अत्याधुनिक तकनीकों का समन्वय ही ऐसे कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकता है, जो टिकाऊ, लाभकारी और भविष्य की चुनौतियों के प्रति सक्षम हो।

भाषा हक दिलीप

दिलीप


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