गोवा विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र 31 अगस्त से, धर्मांतरण रोधी विधेयक होगा पेश

गोवा विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र 31 अगस्त से, धर्मांतरण रोधी विधेयक होगा पेश

गोवा विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र 31 अगस्त से, धर्मांतरण रोधी विधेयक होगा पेश
Modified Date: August 30, 2026 / 11:26 am IST
Published Date: August 30, 2026 11:26 am IST

पणजी, 30 अगस्त (भाषा) गोवा विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा, जिसमें प्रस्तावित धर्मांतरण रोधी कानून पर चर्चा होने की संभावना है। इस विधेयक की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है।

विधायी विभाग के संयुक्त सचिव मोहन गांवकर ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सदन के इस सत्र के दौरान सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से प्रस्तुत 883 प्रश्नों पर चर्चा की जाएगी।

सत्र के दौरान ‘गोवा विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2026’ पेश किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को इस विधेयक को मंजूरी दी थी, जिसमें आजीवन कारावास सहित अन्य कड़े दंड का प्रावधान है।

विधेयक में बल, दबाव, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों या विवाह के माध्यम से कथित रूप से कराए गए धर्म परिवर्तन के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक तनाव भड़काना है।

सरकार का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायक एलेक्सो रेजिनाल्डो लोरेन्को ने भी दावा किया कि ऐसा कानून गोवा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ेगा और उन्होंने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से विधानसभा में विधेयक पेश करने पर पुनर्विचार करने की अपील की।

दो विधायकों रवि नाइक और तालेगांव की विधायक जेनिफर मोन्सेरात के निधन के बाद गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 38 रह गई है।

भाषा खारी शोभना

शोभना


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