केंद्रीय कैबिनेट ने मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सराहा

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केंद्रीय कैबिनेट ने मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सराहा

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 03:30 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 03:30 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सराहा और उनके ‘‘विकसित भारत’’ के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, समावेशी विकास तथा सामाजिक न्याय के मामलों में उनके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया।

मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पारित प्रस्ताव में उन्हें चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने पर बधाई दी गई और भरोसा जताया गया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ‘‘आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र के तौर पर नई ऊंचाई हासिल करता रहेगा’’।

कैबिनेट मंत्रियों ने मोदी के कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने पर खड़े होकर करतल ध्वनि से उनका अभिवादन किया।

सरकार के विकास के एजेंडे का जोरदार समर्थन करते हुए, कैबिनेट ने 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में मोदी के नेतृत्व को पूरा समर्थन दिया और जनसेवा के प्रति उनके अथक समर्पण की सराहना की।

प्रस्ताव में ‘‘समावेशी विकास और सामाजिक न्याय’’ की दिशा में मोदी के प्रयासों की सराहना की गई और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने तथा भारत के हितों की रक्षा करने में उनके नेतृत्व की प्रशंसा की गई।

कैबिनेट ने गरीबों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम चलाने और हाशिए पर मौजूद वर्गों को सशक्त बनाने का श्रेय भी प्रधानमंत्री मोदी को दिया तथा इस बात का उल्लेख किया कि उनके कार्यकाल में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों ने गरीबी से मुक्ति पाई है।

कैबिनेट के प्रस्ताव में पिछले 12 वर्षों में किए गए कई सुधारों और नीतिगत फैसलों का भी जिक्र किया गया, जिनमें अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करना, जीएसटी लागू करना, ‘वन रैंक, वन पेंशन’, नए आपराधिक कानून और मैन्युफैक्चरिंग व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले उपाय शामिल हैं।

इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार के कदमों, वामपंथी उग्रवाद से निपटने की कोशिशों, पूर्वोत्तर में शांति की पहल और जी20 जैसे मंचों के जरिए भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी जिक्र किया गया।

भाषा शफीक नरेश

नरेश