केरल में चुनाव परिणामों से जुड़ी ऐसी एक कहानी है जिसे सांप्रदायिक ताकतों को जानना चाहिए: थरूर

केरल में चुनाव परिणामों से जुड़ी ऐसी एक कहानी है जिसे सांप्रदायिक ताकतों को जानना चाहिए: थरूर

केरल में चुनाव परिणामों से जुड़ी ऐसी एक कहानी है जिसे सांप्रदायिक ताकतों को जानना चाहिए: थरूर
Modified Date: May 7, 2026 / 10:25 am IST
Published Date: May 7, 2026 10:25 am IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि केरल विधानसभा चुनाव के हालिया परिणामों से जुड़ी एक ‘कहानी’ है, जिसे सांप्रदायिक ताकतों को समझने की जरूरत है कि मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र से ईसाई, हिंदू बहुल निर्वाचन क्षेत्र से मुस्लिम और ईसाई बहुल निर्वाचन क्षेत्र से मुस्लिम उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।

तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने जोर देकर कहा कि केरल सांप्रदायिक सद्भाव का आदर्श बना हुआ है और यह एक ऐसा राज्य है जहां लोग पहले इंसान को और फिर जाति या धर्म को देखते हैं।

थरूर ने बुधवार देर रात एक पोस्ट में कहा, “केरल में हालिया चुनाव परिणामों से जुड़ी एक कहानी है जिस पर सांप्रदायिक ताकतों को ध्यान देना चाहिए कि मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र थवनूर से ईसाई उम्मीदवार वी.एस. जॉय चुने गए, हिंदू बहुल निर्वाचन क्षेत्र कलामासेरी से मुस्लिम उम्मीदवार वी.ई. अब्दुल गफूर चुने गए और ईसाई बहुल निर्वाचन क्षेत्र कोच्चि से मुस्लिम उम्मीदवार मुहम्मद शियास चुने गए।”

उन्होंने कहा,“पहचान की राजनीति के पक्ष में राष्ट्रीय रुझानों के कुछ प्रभाव के बावजूद केरल सांप्रदायिक सद्भाव का एक आदर्श बना हुआ है। केरल, एक ऐसा राज्य है, जहां लोग पहले इंसान को देखते हैं और जाति या धर्म को बाद में।”

विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) ने 140 सीट में से 102 पर जीत हासिल कीं जबकि कांग्रेस 63 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

इस जीत के साथ ही वामपंथी सरकार का 10 साल का शासन भी समाप्त हो गया।

भाषा जितेंद्र शोभना

शोभना


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