जयपुर, नौ जनवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल में राज्य सरकार ने अपने बजट में स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा आगे भी इस क्षेत्र के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
वह मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाया है, फलस्वरूप गांव-ढाणी तक प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क उपचार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बजट पूर्व संवाद का उद्देश्य यही है कि इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों से एक ऐसा बजट बने, जिससे प्रदेश की आठ करोड़ से अधिक जनता को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और राजस्थान स्वास्थ्य क्षेत्र में सिरमौर बने।
एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लागू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है।
बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 37 लाख मरीजों को 7,300 करोड़ रुपये का ‘कैशलेस’ इलाज उपलब्ध करवाया गया है।
बयान में कहा गया है कि इसी तरह, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत औषधियां, सर्जिकल एवं अन्य संबंधित चीजें उपलब्ध करवाने में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। जिला चिकित्सालयों में बुजुर्गों के लिए रामाश्रय वार्ड खोले हैं, जहां उन्हें सम्मान के साथ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले स्तर तक चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार द्वारा किए गए लगभग 70 प्रतिशत वादे पूरे किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों की सहायता के लिए स्थापित राजस्थान सम्पर्क पोर्टल की हेल्पलाइन 181 आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का एक बेहतरीन मंच साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से हेल्पलाइन की निगरानी करते हैं और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को समय पर निर्देश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फोन कॉल, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिली शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर समाधान किया जाता है।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
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