केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन में कोई देरी नहीं होगी: एलडीएफ संयोजक रामकृष्णन
केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन में कोई देरी नहीं होगी: एलडीएफ संयोजक रामकृष्णन
कोझिकोड (केरल), 12 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एवं वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) संयोजक टी. पी. रामकृष्णन ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) में मुख्यमंत्री पद को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन में कोई देरी नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि माकपा के पोलित ब्यूरो ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने का जिम्मा पार्टी की राज्य इकाई को सौंपा है।
रामकृष्णन ने यहां मीडिया से कहा, ‘‘विपक्षी नेता के चयन को लेकर कोई विवाद नहीं है। इसके लंबा खिंचने या इससे मतभेद का मुद्दा उत्पन्न होने की कोई संभावना नहीं है। माकपा जल्द से जल्द इस पर फैसला लेगी।’’
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री बनने का फैसला हो चुका होता और नेता प्रतिपक्ष का पद अनसुलझा रहता तो आलोचना जायज होती।
उन्होंने कहा, ‘‘एलडीएफ को नेता प्रतिपक्ष का चयन करने में कोई कठिनाई नहीं है।’’
रामकृष्णन ने एलडीएफ में दूसरे सबसे बड़े घटक दल -भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) द्वारा विपक्ष के उपनेता पद पर दावा किए जाने की खबरों पर कहा कि पहले भी ऐसे उदाहरण मौजूद हैं जब माकपा ने इन दोनों पदों को अपने पास ही रखा था।
उन्होंने माकपा के दिवंगत नेताओं वी. एस. अच्युतानंदन और कोडियेरी बालकृष्णन का उदाहरण दिया, जिन्होंने विधानसभा में क्रमशः नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य किया था।
भाकपा के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम द्वारा इस मामले पर लिखे गए कथित खुले पत्र का जिक्र करते हुए रामकृष्णन ने कहा कि ऐसे मुद्दों को मोर्चे के भीतर आंतरिक चर्चाओं के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने विश्वम के खुले पत्र के बारे में पढ़ा। ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर मोर्चे के भीतर चर्चा होनी चाहिए, और मुझे नहीं लगता कि इन्हें सार्वजनिक रूप से उठाना सही तरीका है।’’
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नयी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और उप-नेता प्रतिपक्ष के पदों पर एलडीएफ ने फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
राज्य में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने सत्ताधारी एलडीएफ को हराकर निर्णायक जनादेश के साथ सत्ता में वापसी की। माकपा के नेतृत्व वाला एलडीएफ केरल में प्रमुख विपक्षी गठबंधन के रूप में उभरा।
भाषा यासिर वैभव
वैभव

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