Janjgir-Champa Food Poisoning: क्या जहरीले खाने से हुई बच्चे की मौत? मुंबई के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार आया ऐसा मामला, अब स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Janjgir-Champa Food Poisoning: क्या जहरीले खाने से हुई बच्चे की मौत? मुंबई के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार आया ऐसा मामला, अब स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Janjgir-Champa Food Poisoning: क्या जहरीले खाने से हुई बच्चे की मौत? मुंबई के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार आया ऐसा मामला, अब स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Janjgir-Champa Food Poisoning | Photo Credit: AI

Modified Date: May 12, 2026 / 02:18 pm IST
Published Date: May 12, 2026 1:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • तरबूज और चिकन खाने के बाद चार बच्चों की तबीयत बिगड़ी
  • 15 वर्षीय अखिलेश की जिला अस्पताल में मृत्यु
  • स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए

जांजगीर:  जिले के धुरकोट गांव में फूड पॉइजनिंग से एक बच्चे की मौत की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि तरबूज और चिकन खाने के बाद चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों का इलाज जारी है। (Janjgir-Champa Food Poisoning) घटना के बाद एसडीएम और तहसीलदार जिला अस्पताल पहुंचे थे, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर परिवार के अन्य लोगों की जांच की। साथ ही गांव के 31 बच्चों की भी जांच की गई है। दूसरी ओर, बच्चे के शव के पोस्टमार्टम के वाद बिसरा प्रिजर्व किया गया है। बच्चे की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि छग का यह पहला मामला है, जब तरबूज खाने के बाद बच्चे की मौत हुई है। मामले में प्रशासन और पुलिस द्वारा कई बिंदुओं पर गम्भीरता से जांच की जा रही है।

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बड़ा बयान

Janjgir-Champa Food Poisoning वहीं इस घटना को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस मामले को संज्ञान में लेकन जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री जायसवाल ने कहा कि इस घटना की पूरी रिपोर्ट मंगाई गई है। स्वास्थ्य और खाद्य विभाग गंभीरता से घटना की जांच करेगी।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार अकलतरा क्षेत्र के पोड़ीदलहा गांव से अखिलेश धीवर और कोटगढ़, खटोला, नवागढ़ के अवरीद गांव से 3 बहन के 3 बेटे धुरकोट गांव अपने मामा के घर आए थे। यहां दोपहर में पहले तरबूज खाया, फिर रात में अलग-अलग घर में चिकन खाया। फिर रात 10 बजे अखिलेश को उल्टी हुई, उसे जिला अस्पताल लाया गया। बाद में 3 अन्य बच्चे हितेश, भूपेंद्र और श्री धीवर को भी उल्टी होने पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान 15 साल के अखिलेश की मौत हो गई।

अन्य 3 बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले में एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने कहा कि मर्ग कायम किया गया है। पीएम रिपोर्ट से मौत के कारण का पता चलेगा। इसके बाद, जांच आगे बढ़ेगी।

कुछ दिन पहले मुंबई से सामने आया था ऐसा ही मामला

आपको बता दें कि इससे कुछ दिन पहले ऐसा ही कए मामला राजधानी मुंबई से सामने आया था। जहां खाना खाने के बाद तरबूज खाने से एक ही परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों ने डिनर के बाद तरबूज खाया था, जिसके कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

मामला पायधुनी इलाके की है। बताया जा रहा है कि 25 अप्रैल की रात परिवार अपने घर कुछ रिश्तेदारों को बुलाया था। सभी ने रात 10 बजे घर पर ही खाना खाया। खाने में बिरयानी बनाई गई थी। जिसके बाद परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया। इसके कुछ घंटों बाद ही उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। 26 अप्रैल की सुबह करीब साढ़े 5 से 6 बजे के बीच चारों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। उनकी हालत तेजी से खराब होती गई।

जिसके बाद सुबह होते ही चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन एक-एक कर सभी की मौत हो गई। इलाज के दौरान सबसे पहले 13 साल की छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब सवा 10 बजे मौत हुई। इसके बाद बाकी तीनों की हालत भी लगातार बिगड़ती रही। रात करीब साढ़े 10 बजे पति अब्दुल्ला डोकाडिया ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही दिन में पूरा परिवार खत्म हो गया।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।