जिनके पास दिखाने के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम नहीं, वे टिप्पणी करने में लग जाते हैं: फडणवीस

जिनके पास दिखाने के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम नहीं, वे टिप्पणी करने में लग जाते हैं: फडणवीस

जिनके पास दिखाने के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम नहीं, वे टिप्पणी करने में लग जाते हैं: फडणवीस
Modified Date: November 28, 2025 / 08:39 pm IST
Published Date: November 28, 2025 8:39 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर/नागपुर, 28 नवंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि जिनके पास दिखाने के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम नहीं हैं, वे आलोचना और टिप्पणी करने में लग जाते हैं।

वर्धा के हिंगणघाट में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से अपने शहरी विकास कार्यक्रम के आधार पर वोट मांग रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा, “मैं इस विकास के मुद्दे पर वोट मांगने आया हूं। भाजपा और उसके सहयोगी शहरी विकास के मसौदे और खाके के साथ प्रचार कर रहे हैं। जिनके पास दिखाने के लिए जनकल्याणकारी कार्यक्रम नहीं हैं, वे आलोचना और टिप्पणियों में लग जाते हैं।”

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उन्होंने कहा कि विकास का यह खाका शहरी जीवन में बदलाव लाने में मददगार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही थे जिन्होंने सबसे पहले शहरी विकास पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया और ग्रामीण व शहरी दोनों विकास को महत्व दिया। उन्होंने विभिन्न शहरी विकास पहलों की शुरुआत की, जिससे शहरों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ।”

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार लाडकी बहिन योजना और भारी बारिश से प्रभावित किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इससे पहले, वाशिम में मुख्यमंत्री ने जल संकट से निपटने और क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में सुधार के लिए ‘नदी जोड़ो परियोजनाओं’ पर बात की।

उन्होंने कहा कि वाशिम में बनने वाला शुष्क बंदरगाह रसद संबंधी रोजगार पैदा करेगा।

जालना जिले के परतूर कस्बे में एक रैली को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि भाजपा के पास राज्य के विकास के लिए एक दृष्टिकोण है। उन्होंने परतूर को महाराष्ट्र का पहला सोलर शहर बनाने की भी अपील की।

महाराष्ट्र की 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए चुनाव दो दिसंबर को होने हैं और मतगणना तीन दिसंबर को होगी।

भाषा खारी रंजन

रंजन


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